कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

:- बालोद में प्रेस रिपोर्टर क्लब की नई इकाई का गठन — सत्य की मशाल थामे नई सुबह की ओर बढ़ती पत्रकारिता

बालोद:- कभी-कभी कुछ पल इतिहास की दिशा बदल देते हैं।छत्तीसगढ़ के शांत, संस्कारित और सशक्त जिला बालोद में ऐसा ही एक पल जन्मा —
जब योग वेदांत आश्रम, रोशन नगर के आंगन में कलम की शपथ गूंजी —
“हम सत्य के सिपाही हैं, न्याय के प्रहरी हैं।”उस क्षण हवा में केवल शब्द नहीं, एक वादा तैर गया —
कि अब पत्रकारिता फिर से अपने मूल स्वरूप में लौटेगी,जहां स्याही बिकेगी नहीं, झुकेगी नहीं — बल्कि बोलेगी,और बोलेगी सिर्फ सच।25 वर्षों की गौरवशाली विरासत वाला प्रेस रिपोर्टर क्लब रायपुर
आज अपने मार्गदर्शन और प्रेरणा के साथ बालोद पहुंचा —ताकि पत्रकारिता की वह पवित्र ज्योति यहां भी प्रज्वलित हो सके।
प्रदेश सचिव संजय सोनी की उपस्थिति ने इस आयोजन को न केवल दिशा दी,बल्कि उसमें विचार, मूल्य और मिशन की आत्मा भी भरी।

*गौरवशाली गठन — नई पीढ़ी, नया प्रण*

भव्य कार्यक्रम में जब बालोद जिला इकाई की कार्यकारिणी की घोषणा हुई,तो हर नाम के साथ एक नई जिम्मेदारी जुड़ गई एक नई उम्मीद भी।

तरुण नाथ योगी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया —उनके साथ संयोजक बने खिलावन चंद्राकर,सचिव बने मोहन निषाद,सह सचिव यशवंत निषाद,कोषाध्यक्ष सलीम तिगाला,उपाध्यक्ष राकेश जोशी,और संगठन मंत्री के रूप में मीनू साहू व मीरा निषाद ने नई भूमिका संभाली।वरिष्ठ पत्रकार राजा खान, विपिन जैन को भी उपाध्यक्ष, उत्तम साहू, विकास साहू, राहुल उपाध्याय, शितेश साहू, भगवान दास, नरेंद्र सोनवानी, महेंद्र सोनवानी, मोयूमूदीन खान, पवन विश्वकर्मा, शमशेर सिंह, बबला खपाड़े, नरेश जोशी, राबिन एनथुनी, राहुल परसादी, वेंकट राव और दीनदयाल जेठुमल साहू की मौजूदगी ने इस मंच को अनुभव और ऊर्जा दोनों से समृद्ध किया।पत्रकारिता की आत्मा — जिम्मेदारी, निडरता और समाज के प्रति समर्पण कार्यक्रम का स्वर केवल औपचारिकता का नहीं,बल्कि एक चेतना का उद्घोष था।हर भाषण, हर नज़र, हर शब्द यही कह रहा था —पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, यह समाज का दर्पण है।क्लब के गठन का उद्देश्य संगठन बनाना नहीं,बल्कि पत्रकारिता के नैतिक स्वरूप की पुनर्स्थापना करना है।यह क्लब उन पत्रकारों का घर बनेगा
जो हर दबाव के बावजूद सत्य के साथ खड़े रहना चाहते हैं।

*जनता की आवाज़ बनने का संकल्प*

प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद इकाई ने घोषणा की कि
किसी भी पत्रकार पर अन्याय या उत्पीड़न की स्थिति में क्लब उसकी आवाज बनेगा, उसका कवच बनेगा।इसके लिए “कानूनी सहायता कोष” की स्थापना की जाएगी,
जिससे पीड़ित पत्रकारों को तत्काल मदद मिल सके।
साथ ही “जन-सुनवाई पत्रकारिता मंच” की स्थापना की जाएगी,
जहां नागरिक अपनी समस्याएं सीधे पत्रकारों के समक्ष रख सकेंगे।
यह मंच प्रशासन और जनता के बीच संवाद का पुल बनेगा।

*महिला और युवा पत्रकारों के लिए नई पहल*

पत्रकारिता के इस नवयुग में क्लब ने महिला और युवा पत्रकारों को
मुख्यधारा में लाने का स्पष्ट संकल्प लिया।महिला पत्रकारों को नेतृत्व में स्थान देने,सुरक्षा और सम्मान का माहौल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।युवा पत्रकारों के लिए नियमित रूप से
डिजिटल मीडिया, फैक्ट चेकिंग और इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग पर वर्कशॉप आयोजित होंगे,
ताकि उनकी लेखनी और तकनीकी क्षमता दोनों में निखार आए।

*समाज से जुड़ी पत्रकारिता — कलम जो सुधार की प्रेरणा बने*

क्लब ने अपने पहले ही दिन यह तय किया —
कि पत्रकारिता केवल “खबर” तक सीमित नहीं रहेगी।अब यह समाज सुधार की प्रेरणा बनेगी।
पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे जनसरोकार विषयों पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।पत्रकारिता, अब केवल घटनाओं का विवरण नहीं देगी,बल्कि परिवर्तन का रास्ता दिखाएगी।

*विचारों की शपथ — जब शब्द बने प्रतिज्ञा*

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था,जब मंच से एक स्वर उठा —
“हम कलम के सिपाही हैं, सत्य और न्याय के प्रहरी हैं।”वह सिर्फ एक वाक्य नहीं था,वह एक विचार था जिसने हर पत्रकार के भीतर आग जलाई।
आश्रम का वातावरण उस समय ऐसा लगा
जैसे शब्दों ने दीपक का रूप ले लिया हो —
और हर चेहरा उसकी रोशनी में नहा गया हो।

*नेतृत्व की बात — विचार जो दिल में उतर गया*

कार्यक्रम में बोलते हुए अध्यक्ष तरुण नाथ योगी ने कहा —

“पत्रकारिता की असली ताकत उसका कलम है।
अगर हमारी कलम सच्ची है, तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती।”

*प्रदेश सचिव संजय सोनी ने अपने संबोधन में कहा* —

“पत्रकार का काम सिर्फ खबर देना नहीं,
बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करना है।”

*संयोजक खिलावन चंद्राकर ने कहा*—
“यह संगठन पत्रकारों की ढाल है —जहां सच्चाई पर कोई वार नहीं कर सकता।”एक नई रोशनी की शुरुआत
कार्यक्रम का समापन “सत्य-संकल्प गीत” के साथ हुआ।जब सभी पत्रकारों ने दीपक हाथ में लेकर शपथ ली,
तो हर लौ एक संदेश बन गई —कि अंधकार कितना भी गहरा हो,कलम की रोशनी हमेशा रास्ता दिखाती है।

*स्याही से निकली क्रांति की घोषणा*

प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद की यह नई इकाई
सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है।यह उस पत्रकारिता का प्रतीक है
जो सत्ता से नहीं, जनता से संवाद करती है।यह वह स्याही है,जो अब फिर से सच्चाई के गीत लिखेगी।
और बालोद से उठी यह लौ,शायद पूरे प्रदेश की पत्रकारिता को फिर से जगमग कर दे।

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