कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट किसानों की मांग पर स्वीकृत नहर निर्माण कार्य में भारी अनियमितता पंडरिया विधायक के क्षेत्र में दरारों से छलनी विकास किसानों की वर्षों की मांग और आंदोलनों के परिणामस्वरूप पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से स्वीकृत नहर निर्माण कार्य अब गंभीर अनियमितताओं के घेरे में आ गया है।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
किसानों की मांग पर स्वीकृत नहर निर्माण कार्य में भारी अनियमितता
पंडरिया विधायक के क्षेत्र में दरारों से छलनी विकास
किसानों की वर्षों की मांग और आंदोलनों के परिणामस्वरूप पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से स्वीकृत नहर निर्माण कार्य अब गंभीर अनियमितताओं के घेरे में आ गया है। बकेला, देवसरा और लिंहाईपुर गांव के पास निर्माणाधीन नहर की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही नहर की लाइनिंग में व्यापक दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह कोई বিচ্ছিন্ন घटना नहीं है, क्योंकि पंडरिया क्षेत्र में निर्माणाधीन कई अन्य नहरों और सिंचाई परियोजनाओं में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं आम हो गई हैं। अधूरे कार्य, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग और विभागीय लापरवाही अब इस क्षेत्र में एक सामान्य बात बन गई है।
लिंहाईपुर नाला के समीप, उदेराम नामक किसान के खेत के पास बनी पुलिया के ठीक आगे नहर की दीवारों में स्पष्ट रूप से जगह-जगह बड़ी दरारें देखी जा सकती हैं। कार्यस्थल पर मौजूद ठेकेदार के सुपरवाइजर ने इस स्थिति को स्वीकार करते हुए उक्त स्थान को ‘चैन 75’ बताया और यह आश्वासन दिया कि इन दरारों को बाद में ठीक कर दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों को इस आश्वासन पर संदेह है।
स्थानीय किसानों ने नहर निर्माण में एक और बड़ी खामी की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि नहर की सतह पूरी तरह से असमान है और लेवलिंग का कार्य अत्यंत लापरवाहीपूर्वक किया गया है। इस लापरवाही के कारण नहर में आगे तक जल प्रवाह सुचारु रूप से संभव नहीं हो पाएगा, जिससे सिंचाई का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। किसानों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि यदि निर्माण के प्रारंभिक बिंदु पर ही कार्य मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो आगे की स्थिति और भी अधिक चिंताजनक होने की संभावना है।
किसानों ने इस अनियमितता के कारण होने वाले संभावित नुकसान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि इस नहर को समय रहते ठीक नहीं किया गया, तो खरीफ और रबी दोनों ही फसलों के लिए सिंचाई का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप फसल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा और किसानों की कड़ी मेहनत व्यर्थ चली जाएगी।
इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुविभागीय अधिकारी शर्मा ने कहा कि नहर में आई दरारों को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी ठेकेदार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उसकी रॉयल्टी और किए गए भुगतान में कटौती शामिल है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के आश्वासन हर निर्माण कार्य में दिए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में धरातल पर कोई खास सुधार देखने को नहीं मिलता है।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जिनकी क्षेत्र में एक तेजतर्रार और जनसेविका के रूप में छवि रही है, के लिए यह घटनाक्रम एक बड़ा झटका है। उनके निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में लगातार सामने आ रही इस प्रकार की अनियमितताओं से उनकी साख पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि विधायक द्वारा स्वीकृत कराए गए इन महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर चूक हुई है।
किसानों की उम्मीदों के साथ हो रहा यह गंभीर खिलवाड़ यदि समय रहते नहीं रोका गया, तो यह मामला केवल निर्माण में हुई लापरवाही तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जन प्रतिनिधित्व की जवाबदेही पर भी एक गंभीर और बड़ा सवाल खड़ा करेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं और किसानों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।



