कवर्धा

सूरजपुर जिला एन.एस.यू.आई का यूजीसी ड्राफ्ट 2025 के खिलाफ विरोध, शिक्षा प्रणाली में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण का आरोप।**डी एन योगी कबीर क्रांति न्यूज़

सूरजपुर जिला एन.एस.यू.आई का यूजीसी ड्राफ्ट 2025 के खिलाफ विरोध, शिक्षा प्रणाली में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण का आरोप।**डी एन योगी कबीर क्रांति न्यूज़

कवर्धा,,,छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के शासकीय कालीदास महाविद्यालय प्रतापपुर में छात्रों ने यूजीसी ड्राफ्ट रेगुलेशन 2025 के खिलाफ पर्चा बाटकर विरोध किया। NSUI प्रदेश प्रभारी आकाश चौधरी,प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के निर्देश पर सूरजपुर जिला अध्यक्ष आकाश साहू, पूर्व जिला उपाध्यक्ष चन्दन गुप्ता के नेतृत्व मे पर्चे बांटकर इस ड्राफ्ट के खतरनाक परिणामों के बारे में छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया

UGC ड्राफ्ट रेगुलेशन 2025 में प्रस्तावित नीतियों को लेकर छात्रों का कहना है कि यह शिक्षा प्रणाली के निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण को बढ़ावा देने की एक साजिश है। छात्रों ने विशेष रूप से “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” नामक प्रावधान पर विरोध जताया, जिसके तहत बिना किसी शैक्षणिक और शोध अनुभव वाले व्यक्ति को विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर नियुक्त किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि गरीब और वंचित वर्गों के छात्रों को उनके वर्षों की मेहनत के बावजूद बिना किसी पारदर्शिता और मेरिट के बाहर किया जा सकता है। साथ ही, आरक्षण नियमों की अनदेखी करने से यह शिक्षा प्रणाली और भी असमान हो जाएगी, जो पहले से ही कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष का कारण बन रही है।

इसके अलावा, छात्र इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि ड्राफ्ट के तहत कुलपति की नियुक्ति में राज्य सरकार की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है, जिससे केवल गवर्नर के अधीन नियुक्तियां होंगी। इस प्रकार, विश्वविद्यालयों का नियंत्रण अब कॉर्पोरेट सेक्टर और आरएसएस जैसे संगठनों के हाथों में जा सकता है, जो शिक्षा के उद्देश्यों से अधिक अपने राजनीतिक और व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देंगे।

यूजीसी केयर लिस्ट के खत्म करने के फैसले को भी छात्रों ने नकारात्मक बताया है, क्योंकि इससे अच्छे शोध पत्रिकाओं की प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी और फर्जी जर्नल्स का बाजार गर्म होगा। छात्रों का मानना है कि यह कदम भारतीय शिक्षा और शोध प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका है।

विरोध के दौरान NSUI के नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस ड्राफ्ट को वापस लिया जाए, क्योंकि यह न केवल छात्रों के लिए हानिकारक है, बल्कि यह भारतीय संविधान के मूल्यों और प्रावधानों का उल्लंघन भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस ड्राफ्ट को वापस नहीं लिया, तो छात्रों का विरोध और तेज होगा।इस दौरान एन. एस.यू.आई के पूर्व प्रतापपुर ब्लॉक अध्यक्ष विनय चौधरी पूर्व प्रतापपुर विधानसभा महासचिव पंकज सिंह छात्र नेता गोल्डी खान,महताब हुसैन एवं अन्य छात्र छात्राएं उपस्थित थे

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