सकरी नदी के जीर्णोधार तो नही लेकिन कराने वाले का हुआ उद्धार

सकरी नदी के जीर्णोधार तो नही लेकिन कराने वाले का हुआ उद्धार
कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति

,कवर्धा,,,कबीरधाम जिले का जीवन दायिनी सकरी नदी सफाई के नाम पर अबतक करोड़ो रूपए का व्यारा न्यारा किया जा चुका है बावजूदनदी की हालत पर कोई सुधार नहीं हुआ बल्कि जिन्होंने सकरी नदी सफाई और जीर्णोधार के नाम पर राशि का दुरुपयोग किया है वो मालामाल हो गया। विगत वर्ष 2022 में सकरी नदी जीर्णोधार और नौका विहार के नाम पर डी एम एफ और मनरेगा मद के राशि का दुरुपयोग करते हुए करोड़ो रुपए गटक लिया गया लेकिन जीवन दायिनी सकरी नदी नगर वासियों से आज भी अलाप कर रही है।
करोड़ो रुपए का व्यारा न्यारा
सकरी नदी की सफाई और जीर्णोधार के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च किया जाता रहा लेकिन तात्कालिक मंत्री मोहम्मद अकबर के शासन काल में करोड़ो रुपए व्यय करते हुए डी एम एफ और मनरेगा मद के राशि का खुला बंदर बांट कर दिया गया बावजूद नदी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। जो लोगो में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नौका विहार की योजना फैल
तत्कालीन जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के द्वारा सकरी नदी की जीर्णोधार कर नौका विहार की योजना बनाई गई थी साथ ही सरोधा बांध से नदी में पानी भर कर नौका विहार करते हुए खूब वाहवाही लूटने में कामयाब हुआ लेकिन आज न तो सकरी नदी में पानी है न नौका । आखिर नौका विहार के नाम पर करोड़ों रुपए फूकने वाले जिम्मेदारों पर किसी का नजर नहीं पड़ता जो भारी चर्चा में हैं। राशि गटकने वाले आज कहां चले गए। जिसका कोई अता पता नहीं है।
चहेतो को लाभ पहुंचाने की थी योजना
शासन , प्रशासन ने जीवन दायिनी सकरी नदी के जीर्णोधार के नाम पर लाखो रुपए पानी की तरह बहाया और अपने चहेते नेता और कार्यकर्ता को खूब लाभ पहुंचाने में कामयाब रहे जब चुनाव नजदीक आया तो वही वफादार कार्यकर्ताओ ने सकरी नदी की तरह नजदीकियों ने दूरी बनाए रखा । सकरी नदी की दयनीय स्थिति किसी से छुपी नहीं है जो सभी को दिखाई दे रहा है।
गंदगी का आलम
जीवन दायिनी सकरी नदी इस समय कुरा कचरा से पटा हुआ है । शहर की नाली का गंदा पानी नदी में ही बहाई जा रही है साथ ही मिनीमाता चौक के आगे पुलिया के पास नदी किनारे आबकारी विभाग ने दारू दुकान खोल दिया है जिसके कारण झिल्ली, पन्नी, डिस्पोजल और शराब की खाली बोतलों को मदिरा प्रेमियों के द्वारा नदी में ही फेक रहे है । जिसके चलते लोग जीवन दायिनी सकरी नदी के किनारे जाने में भी हिचकते हैं। जिसका कारण मुख्य वजह मदिरापान करने वाले मनचले और खाली बोटलो के टूटी कांच के टुकड़े कहीं पैर में न पड़ जाए।
स्वच्छता अभियान की खुली पोल
स्वच्छ भारत मिशन योजनांतर्ग कबीरधाम जिला केंद्र और राज्य सरकार से कई बार स्वच्छता पुरस्कृत से सम्मानित हो चुके हैं लेकिन यह सम्मान लेने वाले केवल सम्मान लेने तक ही सिमट गए हैं उन्हें नगर की सफाई व्यवस्था से कोई ताल्लुक नहीं है यदि ताल्लुक रखते तो सकरी नदी साफ सुथरा और निस्तारी योग्य दिखाई देते। सकरी नदी और किनारे में पूरी तरह से गंदगी फैला हुआ है। जिससे बदबू आती है।




