कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट “शांति का सपना, नशे की सच्चाई: कृष्ण कुंज में सिस्टम फेल** कृष्ण कुंज के समीप स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं, अब असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण भय का केंद्र बन गया है। महिलाओं और बुजुर्गों को वहां अकेले जाना असुरक्षित लगने लगा अब

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
“शांति का सपना, नशे की सच्चाई: कृष्ण कुंज में सिस्टम फेल**
कृष्ण कुंज के समीप स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं, अब असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण भय का केंद्र बन गया है। महिलाओं और बुजुर्गों को वहां अकेले जाना असुरक्षित लगने लगा अब।
कवर्धा***सकरी नदी के किनारे प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से विकसित किया गया कृष्ण कुंज, अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है।
पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में कृष्ण कुंज जैसी हरित विरासत की परिकल्पना की गई थी, जिसमें विभिन्न औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरणीय जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई थी।
हालांकि सरकार बदलते ही यह जिम्मेदारी उपेक्षा की भेंट चढ़ गई, और वन विभाग ने भी निगरानी से हाथ खींच लिया। नतीजतन, आज यह स्थल पौधों की खुशबू के बजाय शराब और गांजे की दुर्गंध से भरा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कृष्ण कुंज दिन-रात नशेड़ियों का ठिकाना बना हुआ है, जहां खुलेआम गांजा, शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन होता है। इससे न केवल पर्यावरणीय उद्देश्य नष्ट हुआ है, बल्कि सामाजिक वातावरण भी दूषित हो गया है।
कृष्ण कुंज के समीप स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं, अब असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण भय का केंद्र बन गया है। महिलाओं और बुजुर्गों को वहां अकेले जाना असुरक्षित लगने लगा है।
स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि वन विभाग को फिर से सक्रिय किया जाए, सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और इस स्थल को पुनः उसी उद्देश्य के लिए सुरक्षित किया जाए, जिसके लिए इसे निर्मित किया गया था।

