
पढ़ई तुंहर दुआर योजना के क्रियान्वयन में राज्य में कबीरधाम जिला प्रथम स्थान पर
शिक्षक लगातार कर रहे मेहनत, घर बैठे पढ़ रहे हैं बच्चे।
– जिले में कुल 285 कक्षाएं हो चुकी है प्रारंभ।
कबीर क्रांति कवर्धा–* छग शासन के शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुंहर दुआर के सफल क्रियान्वयन के मामले में कबीरधाम जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिले में सबसे ज्यादा कक्षाएं प्रारंभ की जा चुकी है।
शिक्षा विभाग के जिला मीडिया प्रकोष्ठ के सदस्य मुनव्वर बेग व गजराज सिंह राजपूत ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी केएल महिलांगे के निर्देशन व जिला नोडल अधिकारी यूआर चंद्राकर के मार्गदर्शन में संचालित जिला स्तरीय आनलाइन वर्चुअल क्लास में प्रतिदिन शिक्षकों द्वारा कक्षाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 285 कक्षाएं प्रारंभ की जा चुकी है। कबीरधाम जिला पूरे राज्य में सबसे ज्यादा कक्षाएं प्रारंभ करने के मामले में पहले स्थान पर है। वहीं दुर्ग जिला 242 कक्षाएं प्रारंभ कर दूसरे पायदान पर है। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छग ने इस संबंध में पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है।
मीडिया प्रकोष्ठ के सदस्य भानूप्रताप सिंह राजपूत, मोहनलाल शर्मा व प्रशांत विश्वकर्मा ने बताया कि कवर्धा ब्लाक में ब्लाक नोडल अधिकारी अनिल केशरवानी, बोड़ला में ब्लाक नोडल अधिकारी हरिकृष्ण नायक, सहसपुर लोहारा में ब्लाक नोडल अधिकारी देवेंद्र साहू, पंडरिया में ब्लाक नोडल अधिकारी अवनीश जायसवाल के मार्गदर्शन में पढ़ई तुंहर दुआर योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। सीजी स्कूल डॉट इन (cgschool.in) पोर्टल में पंजीकृत होकर विद्यार्थी घर बैठे कक्षाओं का लाभ ले रहे हैं। आगे समस्त शिक्षकों द्वारा वर्चुअल क्लास तैयार कर निरंतर रूप से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इसकी योजना बनाई जा चुकी है।
” कोरोना संकट के इस दौर में शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए ऑनलाइन कक्षा का निरंतर संचालन कर रहे हैं। इस मामले में हमारे जिले को राज्य में उत्कृष्ट स्थान मिला है। इसके लिए सभी शिक्षकों को बधाई देता हूं।
– यूआर चंद्राकर, जिला नोडल अधिकारी।
” शासन के मंशानुरूप पढ़ई तुंहर दुआर योजना के तहत बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है। सभी नोडल अधिकारियों व खासकर सभी शिक्षकों की मेहनत के चलते योजना के सफल क्रियान्वयन के मामले में हमारा जिला प्रथम स्थान पर है।
– केएल महिलांगे, जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम



