इन युवाओं ने पक्षियों के लिए छेड़ी यह मुहिम,जिले वासियों ने की जमकर सराहना…

इन युवाओं ने पक्षियों के लिए छेड़ी यह मुहिम,जिले वासियों ने की जमकर सराहना…
अनीश राजपूत
कबीर क्रांति बालोद-पूरे देश में लॉक डाउन हैं लोग अपने घरों में कैद है ऐसे में शोर बढ़ी है तो केवल चिड़ियों की पर इनकी शोर पर इनकी शोर तब थम जाती है जब उन्हें दाना और पानी नहीं मिल पाता हर वर्ष गर्मियों में सबसे ज्यादा मृत्यु पक्षियों की होती है ऐसे में पक्षियों की रक्षा के लिए बालोद जिले के जैन युवा समाज के युवा आगे आये है इस समाज के युवाओं ने एक ऐसी पहल की है जिससे चिड़ियों को दाना और पानी मिल रहा है प्रत्येक जगहों पर अब चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई पड़ रही है पृथ्वी के इस जीवन चक्र में हर किसी का जीवित रहना अनिवार्य है क्योंकि यह एक शृंखला है यदि यहां चिड़िए नहीं रहेंगे तो धीरे से मनुष्य का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा इस खाद्य श्रृंखला को जीवित रखना बेहद अनिवार्य है जैन युवा शक्ति के युवकों द्वारा सकोरा और अनाज की व्यवस्था पूरे शहर में कराई जा रही है ताकि चिड़ियों को दाना पानी मिल सके।
जैन युवा शक्ति के अध्यक्ष श्रेयांश नाहटा ने बताया कि पिछले 5 वर्षों से प्रत्येक गर्मी में वह यह कार्य कर रहे हैं जीव दया जैन समाज का एक मूल मंत्र है इसी मंत्र को आगे लिए जैन युवा शक्ति के युवक आगे बढ़ रहे हैं वर्तमान में लगभग 500 नग सकोरे की व्यवस्था की गई है यह एक मिट्टी का पात्र होता है जहां पानी रख चिड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है जीसकी सराहना पूरे जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में की जा रही है।
जैन युवा शक्ति के सदस्य मुदित जैन आनंद बाफना सहित अन्य लोगों द्वारा प्रत्येक घरों में जाकर यह मिट्टी का पात्र छोड़ा जा रहा है और लोगों से अपील की जा रही है कि इसका उपयोग करें इसमें रोजाना पानी भरे और चिड़ियों को दाना चुगने की व्यवस्था कराएं ताकि जीव दया का यह मिशन सफल हो सके यह लगातार पांचवा साल है और लोग इस पहल की काफी सराहना कर रहे हैं जिससे शहर में पुनः चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई पड़ रही है।
बालोद शहर में जिस तरह का प्रयास जैन युवा शक्ति द्वारा किया जा रहा है वैसे ही हर वर्ग हर समुदाय को पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष पहल करने की आवश्यकता है यह पशु पक्षी हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है इन सब से धरती का संतुलन बना हुआ है जीव दया एक महत्वपूर्ण मूल मंत्र को हर समुदाय को आगे बढ़ाना चाहिए।




