भूपेश सरकार की APL कार्ड योजना पड़ी लचर कार्डधारकों को राशन के लिए पड़ रहा भटकना..

बालोद:अनीश राजपूत

बालोद, कबीर, क्रांति,भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले सामान्य परिवारों को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल देने की घोषणा की थी। लेकिन सामान्य परिवारों को पीडीएस (PDS) के सस्ते दर पर राशन उपलब्ध कराने की योजना शुरुवाती दौर में ही लड़खड़ाती नजर आ रही है। जिला योजना समिति के सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, शहरी क्षेत्र के सामान्य श्रेणी के

परिवारों को राशन के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। बालोद नगरपालिका क्षेत्र के उचित मूल्य की दुकानों में ताला लटका हुवा है। दुकानों के बाहर किसी संचालक ने चावल सामाग्री नही होने का तो किसी ने चावल के आबंटन नही आने का बोर्ड टांग रखा है। ताला लटके उचित मूल्य की दुकानों में आने वाले हितग्राहियों की सुध लेने वाला कोई नही है। सस्ते दर वाली चावल योजना के शुरुवाती दौर में ही मचे अफरा तफरी से शासन और प्रशासन दोनों बेखबर है।

■शुरुवाती दौर में राशन वितरण का हाल, एपीएल कार्डधारक बेहाल■
बालोद नगरपालिका क्षेत्र में सामान्य परिवारों को सस्ते दर पर राशन वितरण का हाल ऐसा है कि, कार्डधारक बेहाल होने लगे है। शिविरों से एपीएल का राशनकार्ड लेने के बाद सामान्य परिवार राशन लेने जब उचित मूल्य की दुकान पहुंच रहा है तो ताला लटका देख मायूस लौट रहा है।

■पहले राशनकार्ड में त्रुटियों से परेशान और अब सस्ता चावल लेने जद्दोजहद■
राशनकार्ड वितरण के बाद राशनकार्ड के पीडीएफ प्रिंट में की गई गलतियों से हितग्राही मुक्त हुवा नही की अब उन्हें नई मुसीबतों से दो चार होना पड़ रहा है। सस्ते चावल की उम्मीद में राशन दुकान आने वाले कार्डधारकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

■बिना मोर्चे पर लड़े जंग जितने का ख़्वाब देख रही है सरकार, जमीनी तैयारी शून्य■
सदस्य और पार्षद ने आरोप लगाते हुवे कहा है कि, चुनावी लाभ लेने मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री ने अपनी फोटो घर घर पहुचाने सरकारी मशीनरी और धन का दुरुपयोग किया है। एपीएल राशनकार्ड योजना की जमीनी तैयारी बिलकुल भी नही है। बिना मोर्चे पर लड़े जंग जितने का ख़्वाब देख रही है सरकार।

■आईसीयू में सस्ता चावल देने की योजना, गिनती के कार्डधारक ही ले पाए चावल■
सरकार की अक्टूबर माह से सस्ते दर पर चावल देने की योजना थी। बालोद शहर में 12 नवंबर से राशनकार्ड का वितरण शुरू किया गया। राशनकार्ड मिलने के बाद गिनती के ही कार्डधारक चावल ले पाए। कार्ड वितरण के चार पांच दिनों में ही कांग्रेस सरकार की सस्ते चावल की योजना को धराशायी होते देखा जा सकता है। 

जब इस मामले में मीडिया ने बालोद जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत से सवाल किया तो उनका कहना है कि मुझे लिखित शिकायत दीजिये मैं इस पर जांच कर कार्यवाही करता हूं।

Spread the love

You missed