बलरामपुर जिले में कोरोना के मद्देनजर ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक की हुई मौत, शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने जताया शोक – शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपए व परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने की मांग।

बलरामपुर जिले में कोरोना के मद्देनजर ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक की हुई मौत, शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने जताया शोक
– शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपए व परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने की मांग।
*रायपुर-* प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के नियंत्रण व रोकथाम हेतु ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक की मौत हो गई। इसको लेकर शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही संघ ने मांग की है कि जिस तरह से दिल्ली में कोरोना ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक की मौत हो जाने पर दिल्ली सरकार द्वारा उनके परिवार को एक करोड़ की राशि प्रदान की गई उसी तरह छग सरकार भी शिक्षक सियाराम भगत के परिवार को एक करोड़ रुपए व उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करे।
गौरतलब है कि छग के बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगे हुए सेमली लेन्जुवा पारा में आंगनबाड़ी केंद्र में स्थित क्वारन्टाइन सेंटर के प्रभारी के रूप कर्तव्यस्थ शासकीय कन्या माध्यमिक शाला बलरामपुर के प्रधानपाठक सियाराम भगत ड्यूटी के दौरान अपने बाइक पर बैठकर मोबाइल से कुछ कार्य कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अटैक आया और वे मौके पर ही गिर पड़े। उनको गिरते देख लोगों ने तत्काल गांव वाले को सूचना दी। जब तक लोग पहुंचते या उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया जाता तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने उक्त घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक सियाराम भगत का आकस्मिक निधन दुखद है। उनका निधन ड्यूटी के दौरान अटैक आने से हुई है। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा प्रदेश के समस्त शिक्षकों की चिंता करते हुए सरकार से लगातार मांग की जा रही है कि कोरोना के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु संलग्न सभी शिक्षकों व अन्य सभी कर्मचारियों का एक करोड़ का बीमा किया जाए साथ ही उन्हें समस्त आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराया जाए। ताकि वो निश्चिंत होकर ड्यूटी कर सके। इस संबंध में हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह भी किया गया है।
संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी व प्रदेश महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच शिक्षक सहित अन्य कर्मचारीगण असुरक्षा के बीच ड्यूटी कर रहे हैं। इन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान किया जाना बेहद आवश्यक है।
प्रदेश प्रवक्ता गजराज सिंह राजपूत ने कहा कि कोरोना के मद्देनजर शिक्षक सहित समस्त कर्मचारीगण अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। इनकी सुरक्षा का ध्यान सरकार को रखना चाहिए। शिक्षक भगत की मौत दुखद है। इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। संघ ने कोरोना के मद्देनजर ड्यूटी कर रहे शिक्षकों व अन्य सभी कर्मचारियों का एक करोड़ का बीमा और समस्त आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की अपनी मांग को पुनः दोहराया है।




