
डी एन, योगी,,कवर्धा– कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन में राज्य में बंद की गई शराब दुकान को सरकार ना ही खोले यही बेहतर होगा ,जिस हिसाब से सरकार के अफसर शराब दुकानों को खोलने के लिए इतनी तत्परता दिखा रहे है यह समझ से ही परे है ,आज मंदिर, मस्जिद ,गुरुद्वारे सब बंद है,कारण यह कि मंदिर मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिग का पालन नही होगा
वही दूसरी तरफ सरकारी तंत्र शराब दुकानों के संचालन कर शराब बेचने के लिए सोशल डिस्टेन्स का पालन कराने के लिए बेरीकेटिंग की भी तैयार कर रही है ,
राज्य के मुखिया को एक बार विचार करना चाहिए कि जिस प्रकार उनके ही विधानसभा क्षेत्र की माताओँ और बहनों ने पत्र लिखकर कहा था की साहब अब शराब दुकान मत खोलियेगा मेरे घर मे कई सालों बाद मैंने शांति देखी है उन माताओँ के पत्र पर विचार करना चाहिए।पिछले दिनों में शराब दुकानों के नही खुलने से अपराध और दुर्घटना में भारी कमी देखी गयी है इस पर सोचने की आवश्कता है । सरकार ने अपने घोषणा पत्र में ये कहा था की वो पूर्ण रूप से शराब बंदी का संकल्प लेती है, आज जब लॉकडाउन के चलते शराब नही बिक रही थी तो ये अच्छा समय है कि इसे पूर्ण रूप से बंद ही कर दिया जाए,
जिस प्रकार सरकार मदिराप्रेमियों की चिंता कर रही है ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार शराब के पैसे से चलती है
ठाकुर पीयूष सिंह
जनपद सदस्य
कवर्धा जनपद पंचायत
जिला महामंत्री भाजयुमो कवर्धा




