मध्यप्रदेश

कलेक्टर द्वारा हाटपिपलिया को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित करने बाबजूद बगैर अनुमति के प्रशासनिक छत्रछाया में लोग आए सड़कों पर कलेक्टर के आदेश का खुला उल्लघंन

कलेक्टर द्वारा हाटपिपलिया को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित करने बाबजूद बगैर अनुमति के प्रशासनिक छत्रछाया में लोग आए सड़कों पर
कलेक्टर के आदेश का खुला उल्लघंन देखें वीडियो

बागली अनूभाग अंतर्गत हाटपिपलिया नगर पंचायत जिले की सबसे गंभीर स्थिति वाली तहसील रही है।हाटपिपलिया में विगत दिनों संक्रमण से इकबाल मंसूरी,भूरे खां,एंव इकबाल की मां की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है ,अभी भी कुछ कोरोना पाजिटिव लोगों की रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आई दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई जिससे यहां के प्रशासन निश्चिंत होकर सोशल डिस्टेंस का मजाक उड़ा रहा है।
जबकि यहां के अन्य व्यक्ति नारायण प्रजापति की रिपोर्ट आना अभी बाकी है ।उसकी मृत्यू आज भी संदिग्ध है।अन्य व्यक्ति भूरे खान की मृत्यू इंदौर मे हूयी थी, जिसका पता स्थानीय प्रशासन को मृत्यू के बाद चला।
अब वाहवाही लूटने हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा मर्जी से हॉटस्पॉट को ग्रीन स्पॉट समझकर कोरोन्टाइन क्षेत्र खुशी मनाना मौत को गले लगाना जैसा है ।इंदौर में भी यही स्थिति निर्मित हुई थी अभी हाटपिपलिया पूरी तरह सुरक्षित नहीं है ऐसी लापरवाही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गंभीर परिणाम हो सकता है ,गांव में स्क्रीनिंग जरूर हुई है लेकिन इसे पूर्ण सुरक्षित नहीं माना जा सकता आने वाले समय में बड़ा पर्व है लोग इसका फायदा उठाने के लिए अलग से शासन प्रशासन पर दबाव बनाएंगे इसलिए बगेर प्रशासन की अनुमति के कंटेनमेंट क्षेत्र में इस प्रकार की हरकत मे प्रथम दृष्टया प्रशासन की सरासर गलती नजर आ रही है। जहां प्रशासन मे कलेक्टर के मातहात सीएमओ,तहसीलदार,नायब तहसीलदार ,डाक्टर आदि खुद ही लाक डाउन का मजाक बनाने मे लगा है ,वहां जनता कलेक्टर के आदेश को कैसे मानेगी ये यक्ष प्रश्न है।

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