एकलव्य हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जूनियर छात्र की कथित पिटाई से मचा हड़कंप, उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | देखिये डी.एन. योगी की रिपोर्ट

एकलव्य हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जूनियर छात्र की कथित पिटाई से मचा हड़कंप, उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | देखिये डी.एन. योगी की रिपोर्ट
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़, कवर्धा कबीरधाम। आदिवासी बैगा बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और संस्कार के उद्देश्य से संचालित पीएमश्री एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास, तरेगांव में जूनियर छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने से छात्रावास की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्रों द्वारा एक जूनियर छात्र को कथित रूप से कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद बच्चे के कान, आंख और पीठ पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में नाराजगी है और थाना में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
करीब 400 बच्चों की सुरक्षा का सवाल
बताया जाता है कि पीएमश्री एकलव्य आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक करीब 400 आदिवासी बैगा बच्चे अध्ययनरत हैं। ये बच्चे अपने परिवार से दूर छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में छात्रावास उनके लिए केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि घर से दूर एक सुरक्षित आश्रय है।
यदि छात्रावास परिसर में ही किसी जूनियर छात्र के साथ मारपीट की घटना होती है, तो यह केवल दो छात्रों के बीच विवाद का विषय नहीं रह जाता, बल्कि पूरी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा का मामला बन जाता है।
अधीक्षक और निगरानी तंत्र की भूमिका की भी हो जांच
घटना की निष्पक्ष जांच के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि घटना के समय छात्रावास में निगरानी की क्या व्यवस्था थी। ड्यूटी पर कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे? घटना की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक कब पहुंची? शिकायत मिलने के बाद क्या तत्काल कार्रवाई की गई?
यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। केवल छात्रों पर कार्रवाई कर मामले को समाप्त करना पर्याप्त नहीं होगा।
चार वर्ष पुराने मामले के बाद फिर सवाल
गौर करने वाली बात यह भी है कि करीब चार वर्ष पहले इसी छात्रावास में मारपीट का मामला सामने आने और तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आती है। ऐसे में वर्तमान घटना के बाद यह सवाल स्वाभाविक है कि पुरानी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए गए थे और उनका पालन किस स्तर तक हो रहा है?
अब उच्च स्तरीय जांच जरूरी
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में घटना में शामिल छात्रों के साथ-साथ छात्रावास प्रशासन, अधीक्षक, संबंधित कर्मचारियों और निगरानी व्यवस्था की भूमिका भी स्पष्ट की जाए।
रात्रिकालीन निगरानी, बच्चों की शिकायत व्यवस्था, अनुशासन प्रणाली और किसी भी हिंसक घटना पर तत्काल हस्तक्षेप की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
आदिवासी बैगा समाज के सैकड़ों बच्चे अपने परिवार से दूर रहकर बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य का सपना लेकर एकलव्य विद्यालय में पढ़ रहे हैं। उनकी सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
बच्चों को डर और हिंसा नहीं, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और यदि किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जवाबदेही तय की जाए।
एकलव्य की शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब यहां पढ़ने वाला हर बच्चा सुरक्षित भी हो और सम्मानित भी।
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