कवर्धा

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट चर्चा जोरो पर : संगठन पर धनबल हावी , अध्यक्ष चयन में असमंजस की स्थिति

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

चर्चा जोरो पर : संगठन पर धनबल हावी , अध्यक्ष चयन में असमंजस की स्थिति

कवर्धा , जनपद पंचायत कवर्धा में कुल 25 सदस्य है जिसमें 21 सदस्य भारतीय जनता पार्टी समर्पित निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष पद आरक्षण अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 25 सदस्यीय टीम में अनुसूचित जाति के पांच सदस्य चुनाव जीत कर आए है। जिसमें कोई धनाढ्य तो कोई आर्थिक रूप से कमजोर है। संगठन भी असमंजस की स्थिति में है।

अनुसूचित जाति वर्ग के पांच सदस्य चुनाव जीते

जनपद पंचायत कवर्धा में अध्यक्ष बनने के लिए अनुसूचित जाति महिला के पांच सदस्यों ने जीत हासिल किया है। कुछ लोग आरक्षित सीट से तो कुछ लोग अध्यक्ष बनने के लिए सामान्य वर्ग से चुनाव जीत कर आए है। जिसमें सुषमा बघेल क्षेत्र क्रमांक 12, शैल मनोज बंजारे क्षेत्र क्रमांक 15 , सुखमति रामचंद डाहिरे क्षेत्र क्रमांक 16 , स्वीटी पवन बंजारे क्षेत्र क्रमांक 19 और मिथला मिथलेश बंजारे क्षेत्र क्रमांक 25 से निर्वाचित हुए हैं।

ये है प्रबल दावेदार

मिली जानकारी अनुसार अध्यक्ष बनने के कतार में सबसे मजबूत और धनाढ्य दावेदार स्वीटी पवन बंजारे है । कवर्धा जिला के अलावा बिलासपुर,रायपुर छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में धनी बस का संचालन होता हैं । स्वीटी पवन बंजारे उसी परिवार की बहु है जिसके चलते धन बल की कोई कमी नहीं है । चर्चा के अनुसार अध्यक्ष बन सकती हैं। साम ,दाम,दंड ,भेद में महारथ हासिल होने का भी चर्चा चौक चौराहों पर होता हैं । मिथिला मिथलेश बंजारे की चर्चा भी जोरो पर है। इनके बारे में लोग चर्चा करते है कि आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हैं , पार्टी में झंडा बैनर उठाए है जिसके चलते संगठन की ओर से नाम की चर्चा जोरो पर है और पार्टी में लगातार सक्रिय हैं।

चयन में संगठन या धनबल

अनुसूचित जाति महिला वर्ग आरक्षित अध्यक्ष पद के लिए यदि धनबल चला तो स्वीटी पवन बंजारे के शिवाय कोई अन्य अध्यक्ष नहीं बन सकते। पंडरिया विधानसभा और कवर्धा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 से निर्वाचित शैल मनोज बंजारे के ऊपर विधायक भावना बोहरा का कृपा होने की चर्चा है यदि भावना दीदी का जादू चला तो शैल मनोज बंजारे भी अध्यक्ष बन सकते है। मिथलेश बंजारे काफी दिनों से संगठन से जुड़े हुए है और विभिन्न पदों पर रहकर दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं लेकिन धनबल की कमी चुनाव के समय देखा गया था पार्टी से समर्पित होने के कारण लोगों ने विकाश को देखते हुए चुनाव जीत कराए है । चुनाव जीत होने के बाद एक पैनल तैयार हो गया है जिसके चलते उन्हें भी पैसे की कोई दिक्कत नहीं है ऐसा चर्चा जोरो पर है। भारतीय जनता पार्टी में अनुशासन का विशेष महत्व होता हैं। जिसके चलते सुखमती डाहीरे और सुषमा बघेल भी उम्मीद लगाए हुए अध्यक्ष बनने की उम्मीद लगाए हुए बैठे हैं।

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