
भाजपा सरकार की अधिकारी राज कवर्धा जिले में अभी तक हावी ?
डी,एन, योगी
कवर्धा,तत्कालिक मामला जिला कबीरधाम के मत्स्य विभाग का है जहां भाजपा सरकार में लगातार मलाईदार विभाग में मोटी कमाई करने वाले अधिकारी का स्थान्तरित आदेश आने के बाद भी आज दिनांक तक जिले में पद पर रहना जिले में चर्चा का विषय बना हुवा है , साथ ही जिले के मुखिया की छवि भी दागदार हो रही है । जिले में चर्चा का विषय बना है कि सरकार बदल गयीं पर कवर्धा जिले में अधिकारी राज खत्म नही हुवा है ।
मामला सहायक संचालक अधिकारी मत्स्य विभाग कवर्धा वाय के.डिण्डोर का है जिनका स्थानांतरण आदेश क्रमांक एफ
3-1/2018/36 दिनांक 06.10.2018 मंत्रालय महानदी भवन से सहायक संचालक मत्स्य विभाग बलरामपुर आदेश जारी हुवा था।
लेकिन संबंधित अधिकारी एवं संचालक मछली पालन विभाग के सम्बंध के चलते संचनालय मछली पालन विभाग से 5 माह बाद पत्र क्रमांक 506/म./स्था./2018-19 दिनांक 08.03.2019 को अचार संहिता के पूर्व आदेश जारी कर जिले के वरिष्ठ सहायक मत्स्य अधिकारी को कार्यभार सौपकर नवीन पदस्थी स्थान हेतु कार्यमुक्त होने के आदेश बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा विगत 4 माह से विभागीय आदेश के विपरीत जिले में मोटी कमाई करने के चलते जिले में ही स्थापित रहना समझ से परे है । वही इस मामले में जिले के मुखिया का भी संलिप्तता नजर आ रही है । जहाँ पूर्व में मुखिया संबंधित जिले के मुख्य अधिकारी रह चुके है । अचार संहिता हटने के बाद भी चार माह से जिले में रखना संबंधित अधिकारी व मुखिया के बीच सांठगाठ को दर्शाता नजर आ रहा है ।
इस मामले में जिले के मछुवारा समितियों में आक्रोश की बात सामने आ रही है जहाँ आने वाले दिनों में कलेक्टोरेट का घेराव कर बड़े आन्दोलन की तैयारी में है ।
संबंधित अधिकारी द्वारा गैर मछुवारों को तालाब पटा एवम जलाशयों को मिली भगत से लीज देने का मामला पूर्व में उठा था पर पूर्व सरकार भाजपा की थी। आज सरकार बदलने के बाद भी कवर्धा जिले में अधिकारी राज का बोलाबाला जिले में चर्चा का विषय बना हुवा है । अब आगे इस मामले में क्या कार्यवाही होती है यह सोचने का विषय बना है ?



