कवर्ध कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने बताया कि भीषण गर्मी और तेज धूप को देखते हुए पेयजल के साथ-साथ मनुष्यों, पशु-पक्षियों आदि के निस्तार जल की अत्यंत आवश्यकता है इसके लिए सिंचाई जलाशयों से निस्तारी तालाबों को भरा जा रहा है। जिले के निस्तारी तालाबों को भरने के लिए के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के चार सिंचाई जलाशयों से 79 गांवों के 116 तालाबों को भरने की कार्य योजना है। प्रस्तावित कार्य योजना में सरोधा जलाशय से 35 गांवों के 56 तालाब, छीरपानी जलाशय से 15 गांवों के 26 तालाब, सुतियापाट जलाशय से 18 गांवों के 23 जलाशय और कर्रानाला बैराज से 11 गांवों के 11 तालाब शामिल है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि अब तक तीन जलाशयों से 20 गांवों के 22 तालाबों को भरा जा चुका है। भरे गये तालाबों में सुतियापाट जलाशय से 9 गांवों के 10 तालाब, कर्रानाला बैराज से 9 गांवों के 9 तालाब और सरोधा बांध से दो गांवों के तीन निस्तारी तालाब शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि कवर्धा शहर के पांच तालाबों सहित ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों को भरने के लिए सरोधा जलाशय से और सुतियापाट जलाशय से ग्राम बानो, लखनपुर, बासीनझोरी, सहसपुर लोहारा एवं नवापारा के तालाबों को भरने के लिये पानी का बहाव जारी है। कर्रानाला बैराज से निस्तारी हेतु लाभान्वित ग्रामों में पानी का भराव पूर्ण हो चुका है। छीरपानी जलाशय से 15 गांवों के 26 तालाबों को भरने की योजना के तहत 30 अप्रैल मंगलवार को पानी छोड़ा जायेगा। वर्तमान में सरोधा जलाशय में 6.30 मिलियन घन मीटर, छीरपानी जलाशय 14.57 मिलियन घन मीटर, सुतियापाट जलाशय में 16.18 मिलियन घन मीटर और कर्रानाला बैराज में 2.89 मिलियन घन मीटर पानी उपलब्ध है। Spread the love Post navigation अक्षय तृतीया पर बाल विवाह नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश हेण्डपंपों के रख-रखाव और पेयजल एवं निस्तारी जल की समुचित प्रबंध हो-कलेक्टर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित निजी चिकित्सालयों में वेस्ट मटेरियल के निष्पादन के निर्देश सत्ता के नुमाइंदों का नहीं छूट रहा घाट प्रेम नेताओं की पहली निगाह खदानों पर