कवर्धा

*आपसी स्थानांतरण के नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक तानाशाही* ?*  *कर्नल तिवारी का पहले ही हो चुका था स्थानांतरण, फिर भी नीलम कुमार धनकर के साथ किया ‘आपसी स्थानांतरण’; अब प्रधानपाठक पर बनाया जा रहा कार्यमुक्ति का दबाव**  कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

*आपसी स्थानांतरण के नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक तानाशाही* ?*

 *कर्नल तिवारी का पहले ही हो चुका था स्थानांतरण, फिर भी नीलम कुमार धनकर के साथ किया ‘आपसी स्थानांतरण’; अब प्रधानपाठक पर बनाया जा रहा कार्यमुक्ति का दबाव**

 कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

स्कूल शिक्षा विभाग में तबादले और कार्यमुक्ति को लेकर एक अजीबोगरीब और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बोइरकछरा में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री नीलम कुमार धनकर के आपसी स्थानांतरण प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा बनाए जा रहे अनुशासनात्मक दबाव ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।

घटनाक्रम एवं प्रशासनिक विरोधाभास:

06 अगस्त 2026: स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार श्री कर्नल तिवारी (सहायक शिक्षक एल.बी., शास.प्रा.शा. पौनी, वि.खंड पंडरिया) का प्रशासनिक आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम के विकल्प पर स्थानांतरण कर दिया गया था।

25 अगस्त 2026: प्रशासनिक स्थानांतरण के महज 19 दिन बाद, इसी शिक्षक (श्री कर्नल तिवारी) का श्री नीलम कुमार धनकर (शास.प्रा.शा. बोइरकछरा, वि.खंड बोड़ला) के साथ आपसी (Mutual) स्थानांतरण का नया आदेश जारी कर दिया जाता है।

27 अगस्त एवं 16 सितम्बर 2026: विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बोड़ला) एवं जिला शिक्षा अधिकारी (कबीरधाम) द्वारा पत्र जारी कर प्रधानपाठक बोइरकछरा पर श्री नीलम कुमार धनकर को तत्काल कार्यमुक्त करने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, आदेश की अवहेलना बताने हुए प्रधानपाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई है।

क्या कहता है नियम और व्यावहारिक तर्क?

शिक्षा विभाग के नियमानुसार आपसी स्थानांतरण (Mutual Transfer) में दोनों शिक्षकों का एक-दूसरे के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होता है। जब कर्नल तिवारी पूर्व में ही प्रशासनिक स्थानांतरण पर जा चुके हैं और बोइरकछरा स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने आ ही नहीं रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में श्री नीलम कुमार धनकर को एकतरफा कार्यमुक्त कर देना विद्यालय को शिक्षक-विहीन बनाने जैसा होगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।

उठते गंभीर सवाल:

जब शिक्षक कर्नल तिवारी का 06/08/2026 को ही प्रशासनिक स्थानांतरण हो चुका था, तो 25/08/2026 को उनका आपसी स्थानांतरण आदेश किस आधार पर जारी किया गया?

आपसी स्थानांतरण में जब दूसरा शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने के लिए उपलब्ध ही नहीं है, तो प्रधानपाठक पर एकतरफा रिलीविंग का दबाव बनाना कितना उचित है?

नियमानुकूल और विद्यालय हित में निर्णय लेने वाले प्रधानपाठक को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना क्या प्रशासनिक दबाव नहीं है?

स्थानीय शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उच्च अधिकारियों को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कर नियमों के तहत उचित निर्णय लेना चाहिए।

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