जिन्हें आमसभा ने नकारा, वही अब प्रेस क्लब का चुनाव कराने निकले,, प्रकाश वर्मा, अध्यक्ष जिला प्रेस क्लब कवर्धा* जिला प्रेस क्लब की आमसभा से बाहर किए गए तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों की कथित सक्रियता ने अब प्रेस क्लब की राजनीति को गरमा दिया है। आरोप है कि जिन तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों को संस्था की आमसभा ने बाहर का रास्ता दिखाया, वही अब प्रेस क्लब की सदस्यता और चुनाव के नाम पर बैठकें कर रहे हैं।** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

जिन्हें आमसभा ने नकारा, वही अब प्रेस क्लब का चुनाव कराने निकले,, प्रकाश वर्मा, अध्यक्ष जिला प्रेस क्लब कवर्धा*

जिला प्रेस क्लब की आमसभा से बाहर किए गए तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों की कथित सक्रियता ने अब प्रेस क्लब की राजनीति को गरमा दिया है। आरोप है कि जिन तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों को संस्था की आमसभा ने बाहर का रास्ता दिखाया, वही अब प्रेस क्लब की सदस्यता और चुनाव के नाम पर बैठकें कर रहे हैं।*
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
कवर्धा। जिला प्रेस क्लब की आमसभा से बाहर किए गए तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों की कथित सक्रियता ने अब प्रेस क्लब की राजनीति को गरमा दिया है। आरोप है कि जिन तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों को संस्था की आमसभा ने बाहर का रास्ता दिखाया, वही अब प्रेस क्लब की सदस्यता और चुनाव के नाम पर बैठकें कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सदस्यता अभियान से लेकर चुनावी रणनीति तक तैयार करने के लिए लगातार दिन भर शहर के अलग अलग जगहों पर बैठकें हो रही हैं। इससे पत्रकारों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि जब संस्था से संबंध ही समाप्त हो चुका है तो फिर उसी संस्था के नाम पर गतिविधियां चलाने का आधार क्या है।
फैसला आमसभा का, गतिविधियां किसकी
जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रकाश वर्मा ने पत्रकार साथियों से ऐसे तीन (श्याम टंडन, विजय घृतलहरें, यशवंत ठाकुर )लोगों से दूर रहने की अपील की है। उनका कहना है कि संस्था की अधिकृत व्यवस्था के समानांतर किसी भी गतिविधि से पत्रकारों को भ्रमित नहीं होना चाहिए।
मामले का सीधा सवाल
प्रेस क्लब का चुनाव कौन कराएगा और सदस्यता किसके माध्यम से होगी। इसका जवाब किसी बैठक या मौखिक दावे से नहीं, बल्कि संस्था के नियम और आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलेगा।
पंजीकृत संस्था में मनमानी नहीं
जिला प्रेस क्लब एक पंजीकृत संस्था है। ऐसी संस्थाएं अपने संविधान, उपविधियों और आमसभा के निर्णयों के आधार पर संचालित होती हैं। कौन सदस्य है, किसे सदस्यता दी जा सकती है और चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी, यह संस्था के निर्धारित नियमों से तय होता है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति या समूह अपने स्तर पर सदस्यता अभियान या चुनावी प्रक्रिया शुरू करता है तो उसके अधिकार और प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
प्रेस क्लब के नाम पर समानांतर कवायद
विवाद यहीं खत्म नहीं होता। यदि आमसभा के निर्णय के बाद संबंधित लोगों की संस्था में सदस्यता नहीं रही है, तो फिर प्रेस क्लब के नाम पर बैठकें और सदस्यता अभियान क्यों चलाए जा रहे हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए।
दूसरी ओर, यदि उनके पास ऐसा करने का कोई अधिकार है तो उसका आधार भी सामने आना चाहिए। विवाद का समाधान आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि संस्था के दस्तावेजों से ही होगा।
पत्रकारों को सतर्क रहने की अपील
जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रकाश वर्मा ने पत्रकारों से कहा है कि वे किसी भी समानांतर बैठक या सदस्यता अभियान में शामिल होने से पहले अधिकृत पदाधिकारियों से जानकारी लें। उनका कहना है कि संस्था की गरिमा और पत्रकारों की एकजुटता को किसी भी व्यक्तिगत गतिविधि से प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
अब निगाह इस बात पर है कि आमसभा के निर्णय के बाद चल रही कथित गतिविधियों को लेकर संस्था आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल प्रेस क्लब के नाम पर चल रही इस कवायद ने चुनाव से पहले ही संगठन के भीतर सवालों और खींचतान को हवा दे दी है।
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