अमनिया वन क्षेत्र में बड़ा सवाल: 200 एकड़ सागौन प्लाट बना खेत, वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल** पंडरिया ब्लॉक के जंगलों में तेजी से बढ़ रहा अवैध कब्जा, लाखों की लागत से लगाए गए सागौन पौधों का अस्तित्व संकट में** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

अमनिया वन क्षेत्र में बड़ा सवाल: 200 एकड़ सागौन प्लाट बना खेत, वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल**
पंडरिया ब्लॉक के जंगलों में तेजी से बढ़ रहा अवैध कब्जा, लाखों की लागत से लगाए गए सागौन पौधों का अस्तित्व संकट में**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। पंडरिया ब्लॉक के दूरस्थ वन क्षेत्रों में कथित रूप से बढ़ते अवैध कब्जों ने वन संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम अमनिया के समीप वन बीट क्रमांक-451 में करीब 200 एकड़ क्षेत्र में लगाए गए सागौन प्लाट पर अतिक्रमण कर खेत तैयार किए जाने की शिकायत सामने आई है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में इस क्षेत्र में करीब 1 लाख 25 हजार सागौन पौधों का रोपण किया गया था, लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में पौधे गायब बताए जा रहे हैं। मौके पर अब सागौन प्लाट की जगह खेती होती नजर आ रही है।
जंगल की जमीन पर खेत और मकान, जिम्मेदारों पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि वन क्षेत्र में कब्जा कर खेती की जा रही है और कुछ स्थानों पर प्रधानमंत्री आवास तक बनाए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों एवं स्थानीय लोगों के बसने से जंगल क्षेत्र का स्वरूप बदलता जा रहा है।
वन विभाग द्वारा चौकीदार एवं कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद कथित अतिक्रमण पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आमाटोला बीट में भी अतिक्रमण की शिकायत
बीट क्रमांक-452 आमाटोला क्षेत्र में भी वन भूमि पर कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वन क्षेत्र लगातार सिमटता जाएगा।
जंगल क्षेत्र में बन रहे पीएम आवास, पंचायत भूमिका पर उठे सवाल
ग्राम पंचायत नेउर के जंगल बीट क्रमांक-477 में भी झोपड़ियां बनाकर रहने और बाद में पक्के मकान बनाए जाने की शिकायत है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों की भूमिका की जांच की मांग की है।
आरोप है कि बिना उचित जांच के जिओ टैगिंग और आवास स्वीकृति की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आंकड़ों में जंगल क्षेत्र के अंदर बने आवास
आमाटोला बीट क्रमांक-452 में करीब 10 पीएम आवास
नेउर जंगल क्षेत्र के खैरा गांव में करीब 15 पीएम आवास
डूमहरा क्षेत्र में करीब 4 पीएम आवास
कुल मिलाकर करीब 29 मकान जंगल क्षेत्र में बनाए जाने की बात सामने आई है।
चियादाढ़ क्षेत्र में भी बढ़ रहा दबाव
ग्राम चियादाढ़ के बीट क्रमांक-544 सहित आसपास के क्षेत्रों में भी वन भूमि पर बसाहट की शिकायतें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ स्थानों पर कार्रवाई हुई, लेकिन कई इलाकों में अब भी अतिक्रमण जारी है।
वन विभाग ने जांच का दिया भरोसा
इस मामले में जिला वनमंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने टीम भेजकर जांच कराने और अतिक्रमण पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
जब जंगलों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात हैं, तो आखिर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर कब्जे कैसे होते रहे?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ लगातार रखेगा वन क्षेत्र और पर्यावरण से जुड़े मामलों पर नजर।
रिपोर्ट: डी एन योगी
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़, कवर्धा




