सीएम के आदेश भी बेअसर! 11 दिन से सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर चुप्पी, आखिर किसके भरोसे मिलेगा न्याय** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

सीएम के आदेश भी बेअसर! 11 दिन से सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर चुप्पी, आखिर किसके भरोसे मिलेगा न्याय**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा।जिला कबीरधाम
प्रदेश सरकार ने आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं कई बार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए। लेकिन कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत नरोधी का एक मामला इन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।
ग्राम पंचायत नरोधी से संबंधित शिकायत 26 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता को शिकायत क्रमांक WP260600050591 जारी करते हुए बताया गया कि शिकायत आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को भेज दी गई है। लेकिन आज 7 जुलाई 2026 तक पूरे 11 दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद शिकायतकर्ता से न तो किसी अधिकारी ने संपर्क किया, न कोई जांच हुई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य ही यह है कि आम नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो। लेकिन जब शिकायत दर्ज होने के 11 दिन बाद भी प्रारंभिक संपर्क तक नहीं हो, तब सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सरकार के अनुसार “शीघ्र समाधान” की समय-सीमा क्या है । यदि शिकायतकर्ता को केवल शिकायत क्रमांक देकर छोड़ दिया जाए और संबंधित अधिकारी मौन साध लें, तो फिर इस व्यवस्था की उपयोगिता पर गंभीर प्रश्न खड़े होना लाजिमी है।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार अधिकारियों को जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश देते हैं। इसके बावजूद यदि कबीरधाम जिले के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों का ही प्रभावी पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो फिर वे आखिर किसके निर्देशों का पालन करेंगे? यह स्थिति प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
नियमों के अनुसार किसी भी शिकायत के निराकरण की शुरुआत शिकायतकर्ता से संपर्क कर तथ्यों की जानकारी लेने से होती है। लेकिन इस मामले में शिकायत संबंधित कार्यालय तक पहुंचने के बावजूद यह प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई। इससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि कहीं शिकायतें केवल पोर्टल पर अग्रेषित कर औपचारिकता पूरी तो नहीं की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नारा “समस्या तुम्हर, समाधान हमर” है, लेकिन यदि शिकायतकर्ता को 11 दिनों तक एक फोन कॉल तक न मिले, तो यह नारा केवल कागजों और प्रचार तक सीमित दिखाई देता है। जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब शिकायतों का समाधान कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देगा।
अब निगाहें कबीरधाम जिला प्रशासन और जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा पर टिकी हैं। यह देखना होगा कि शिकायत पर वास्तविक कार्रवाई कब शुरू होती है और क्या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, या फिर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज यह शिकायत भी अन्य लंबित मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।



