सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी बेअसर? छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को अब भी नहीं मिला समान वेतन!”** सुप्रीम कोर्ट का आदेश, फिर भी नगर सैनिकों को न्याय का इंतजार!** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के हजारों नगर सैनिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर सैनिक दिनेश कुमार मौर्य (सैनिक क्रमांक-43, जिला कोंडागांव) ने प्रदेश के गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने की मांग की है। क्या है मामला? नगर सैनिकों का कहना है कि वर्ष 2022 में हाई कोर्ट बिलासपुर के फैसले के बाद राज्य शासन द्वारा दायर SLP को भी माननीय सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन को 3 माह के भीतर नगर सैनिकों को पुलिस आरक्षक के समकक्ष वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाएं देने का आदेश दिया था। आरोप है कि आदेश के कई माह बाद भी लागू नहीं हुआ फैसला! नगर सैनिकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आज तक उन्हें समान कार्य के बदले समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। नगर सैनिकों का बड़ा सवाल “जब देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दे दिया, तो फिर आदेश लागू करने में देरी क्यों?” गृह मंत्री से लगाई गुहार पत्र में मांग की गई है कि न्यायपालिका की गरिमा और संविधान की भावना का सम्मान करते हुए नगर सैनिकों को पुलिस आरक्षक के समकक्ष वेतनमान एवं सभी सुविधाएं तत्काल प्रदान की जाएं। “सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी बेअसर? छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को अब भी नहीं मिला समान वेतन!” कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट Spread the love Post navigation कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट बैगा जनजाति के उत्पीड़न के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का ऐलान प्रशासन को कामू बैगा की दो टूक चेतावनी कबीरधाम, छत्तीसगढ़ | 11 जून 2026 जिला कबीरधाम में आबकारी विभाग के अधिकारियों की कथित मनमानी और बैगा जनजाति के शोषण के खिलाफ अब समाज ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, कबीरधाम शाखा के जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आबकारी विभाग के अधिकारी एसआई रायजादा एवं एसआई गीता भोले-भाले बैगा समाज के लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने और अवैध वसूली करने जैसे गंभीर कृत्यों में संलिप्त हैं। समाज ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। राशन दुकानदारों का फूटा आक्रोश: 20 साल से नहीं बढ़ा कमीशन, बकाया भुगतान और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर खाद्य सचिव, संचालक व उपमुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र** रायपुर/पंडरिया-कवर्धा, कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़**