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कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट बैगा जनजाति के उत्पीड़न के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का ऐलान प्रशासन को कामू बैगा की दो टूक चेतावनी कबीरधाम, छत्तीसगढ़ | 11 जून 2026 जिला कबीरधाम में आबकारी विभाग के अधिकारियों की कथित मनमानी और बैगा जनजाति के शोषण के खिलाफ अब समाज ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, कबीरधाम शाखा के जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आबकारी विभाग के अधिकारी एसआई रायजादा एवं एसआई गीता भोले-भाले बैगा समाज के लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने और अवैध वसूली करने जैसे गंभीर कृत्यों में संलिप्त हैं। समाज ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

बैगा जनजाति के उत्पीड़न के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का ऐलान

प्रशासन को कामू बैगा की दो टूक चेतावनी

कबीरधाम, छत्तीसगढ़ | 11 जून 2026

जिला कबीरधाम में आबकारी विभाग के अधिकारियों की कथित मनमानी और बैगा जनजाति के शोषण के खिलाफ अब समाज ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, कबीरधाम शाखा के जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आबकारी विभाग के अधिकारी एसआई रायजादा एवं एसआई गीता भोले-भाले बैगा समाज के लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने और अवैध वसूली करने जैसे गंभीर कृत्यों में संलिप्त हैं। समाज ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ समाज का आक्रोश

जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने कहा कि बैगा समाज लंबे समय से उत्पीड़न झेल रहा है और अब यह मामला समाज के सम्मान एवं अस्तित्व से जुड़ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शराब की मात्रा घटा-बढ़ाकर फर्जी केस बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि:

समरत बैगा, शहरु बैगा और परसादी बैगा जैसे कई मामलों में अधिकारियों द्वारा मनमानी की गई है।

बैगा समाज को निशाना बनाकर मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों एवं मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

“न्याय नहीं, तो उग्र आंदोलन”

ज्ञापन सौंपते हुए कामू बैगा ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा:

“आदिवासी बैगा समाज शांतिप्रिय है, लेकिन हमारे सम्मान और अस्तित्व पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इन भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया, तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”

प्रतिनिधिमंडल में रहे उपस्थित

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में

कमल धुर्वे (महासचिव), सौखी बैगा, ओमकार सिंद्राम, तारा बैगा, दसरू बैगा, जयता बैगा, शहर सिंह बैगा, देव सिंह बैगा, परसादी बैगा, लमतू बैगा एवं तख़त बैगा सहित समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में बैगा समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।

जारीकर्ता:

कामू बैगा (जिलाध्यक्ष)

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, शाखा कबीरधाम (छत्तीसगढ़)

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