कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट ** भाजपा शासनकाल में आखिर कार्रवाई क्यों नहीं…? “कमीशनखोरी में मस्त सिस्टम, गरीब अब भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर!” ** प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा सवाल पुराने कच्चे मकानों में रह रहे हितग्राही, फिर किस आधार पर पूरी हुई पीएम आवास योजना…? जनगणना और हालिया मकान सर्वेक्षण ने खोल दी जमीनी हकीकत

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
** भाजपा शासनकाल में आखिर कार्रवाई क्यों नहीं…?
“कमीशनखोरी में मस्त सिस्टम, गरीब अब भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर!”
** प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा सवाल
पुराने कच्चे मकानों में रह रहे हितग्राही, फिर किस आधार पर पूरी हुई पीएम आवास योजना…?
जनगणना और हालिया मकान सर्वेक्षण ने खोल दी जमीनी हकीकत।
कवर्धा-***जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडरा के आश्रित ग्राम बोटेसुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मिलापा पति तीजउ एवं दशरु पिता शेखू सहित कई हितग्राही आज भी अपने पुराने कच्चे मकानों में निवास कर रहे हैं। इतना ही नहीं, हालिया जनगणना और मकान सर्वे में भी इन्हीं पुराने मकानों का विवरण दर्ज कराया गया है। अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि यदि हितग्राहियों के नाम पर पीएम आवास की राशि जारी हो चुकी है और रिकॉर्ड में निर्माण प्रगति दिखाई गई है, तो आखिर नया मकान कहां है…?
** क्या सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी जियो टैगिंग हुई…?
** क्या दूसरे मकानों के सामने खींचकर तस्वीरें अपलोड की गईं…?
** क्या बिना निर्माण के किश्तें जारी हुईं…?
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना में भारी स्तर पर गड़बड़ी हुई है और पूरा मामला अब सरकारी रिकॉर्ड में तथ्यात्मक हेरफेर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
सबसे बड़ा सवाल अब जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा के प्रभारी सीईओ की भूमिका पर उठ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। लोग खुलकर कह रहे हैं —
** “प्रभारी सीईओ को हटाने में किसी का दम नहीं है… क्योंकि कमीशन ऊपर तक पहुंचता है…?”
यदि यह आरोप सही हैं तो गरीबों के नाम पर चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
** पंचायत सचिव
** आवास मित्र
** ग्राम रोजगार सहायक
** संबंधित अधिकारी
इन सभी की भूमिका अब जांच के घेरे में है।
यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो गया है क्योंकि यह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र का मामला बताया जा रहा है। ऐसे में जनता पूछ रही है —
? क्या गरीबों के आवास के नाम पर सिर्फ कागजी खेल चल रहा है…?
? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी…?
? या फिर फाइलों में ही सब कुछ दब जाएगा…?
ग्रामीणों ने मांग की है कि — जनगणना रिकॉर्ड
** जियो टैग फोटो
** बैंक भुगतान विवरण
** निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन
इन सभी की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं…
देखना होगा कि गरीबों के हक का सच बाहर आता है या फिर मामला दबा दिया जाएगा…!
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट




