कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट सोमनापुर विवाद में बड़ा धमाका! एक तरफ खुद को बेघर बताने वाला पीरित राम… दूसरी तरफ 400 ग्रामीणों का कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बड़ा खुलासा! ग्राम सोमनापुर, पंडरिया में खसरा नंबर 144/1ख की 2.19 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। कुछ दिन पहले पीरित राम उर्फ श्रीराम पटेल ने गांव वालों, सरपंच और महिलाओं पर मकान तोड़ने और बेघर करने का आरोप लगाकर मीडिया में खुद को पीड़ित बताया था। लेकिन अब पूरा गांव एकजुट होकर सामने आ गया है! सोमवार को लगभग 400 ग्रामीण — जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं — कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और दस्तावेजों के साथ ज्ञापन सौंपकर पीरित राम के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि विवादित भूमि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही है। यहां सामुदायिक भवन, शिव मंदिर, सीसी रोड और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहे हैं। ग्रामीणों ने बड़ा दावा करते हुए कहा — पीरित राम खुद को बेघर बता रहा है, लेकिन उसके पास गांव में 3 मकान और लगभग 40 एकड़ कृषि भूमि मौजूद है! मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। ग्रामीणों के अनुसार राजस्व मंडल सर्किट कोर्ट रायपुर ने पुराने आदेश निरस्त कर दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और झूठी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल — क्या सच में गरीब बनकर प्रशासन और मीडिया को गुमराह किया गया? या फिर जमीन विवाद के पीछे कोई और बड़ा खेल चल रहा है? पूरे पंडरिया में इस मामले की जोरदार चर्चा! कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

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सोमनापुर विवाद में बड़ा धमाका!
एक तरफ खुद को बेघर बताने वाला पीरित राम…
दूसरी तरफ 400 ग्रामीणों का कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बड़ा खुलासा!
ग्राम सोमनापुर, पंडरिया में खसरा नंबर 144/1ख की 2.19 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। कुछ दिन पहले पीरित राम उर्फ श्रीराम पटेल ने गांव वालों, सरपंच और महिलाओं पर मकान तोड़ने और बेघर करने का आरोप लगाकर मीडिया में खुद को पीड़ित बताया था।
लेकिन अब पूरा गांव एकजुट होकर सामने आ गया है!
सोमवार को लगभग 400 ग्रामीण — जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं — कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और दस्तावेजों के साथ ज्ञापन सौंपकर पीरित राम के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि विवादित भूमि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही है। यहां सामुदायिक भवन, शिव मंदिर, सीसी रोड और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहे हैं।
ग्रामीणों ने बड़ा दावा करते हुए कहा — पीरित राम खुद को बेघर बता रहा है, लेकिन उसके पास गांव में 3 मकान और लगभग 40 एकड़ कृषि भूमि मौजूद है!
मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है।
ग्रामीणों के अनुसार राजस्व मंडल सर्किट कोर्ट रायपुर ने पुराने आदेश निरस्त कर दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और झूठी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल — क्या सच में गरीब बनकर प्रशासन और मीडिया को गुमराह किया गया? या फिर जमीन विवाद के पीछे कोई और बड़ा खेल चल रहा है?
पूरे पंडरिया में इस मामले की जोरदार चर्चा!
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