जिला पंचायत के बाबू की संपत्ति को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म ! कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा। जिला पंचायत में पदस्थ एक बाबू की संपत्ति को लेकर इन दिनों जिले भर में तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब उक्त बाबू कवर्धा आया था तब उसके पास सामान्य जीवनयापन के अलावा कुछ खास नहीं था, लेकिन आज आलीशान मकान, महंगी गाड़ियां और करोड़ों की संपत्ति होने की चर्चा आम हो चुकी है। सूत्रों और जनचर्चाओं के अनुसार, बाबू के करीबी रिश्तेदारों, परिचितों और कथित बेनामी संपत्तियों की भी जांच की मांग उठने लगी है। आम लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच एजेंसी द्वारा इनके घर, रिश्तेदारों के निवास, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की जाए तो करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति सामने आ सकती है। जिले में यह भी चर्चा है कि सरकारी दफ्तरों में फाइलों के संचालन और “सेटिंग” के जरिए वर्षों में अकूत संपत्ति अर्जित की गई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जांच एजेंसियां जनचर्चाओं और उठ रहे सवालों पर क्या कदम उठाती हैं, या मामला केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ — जनता की आवाज

जिला पंचायत के बाबू की संपत्ति को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म !
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। जिला पंचायत में पदस्थ एक बाबू की संपत्ति को लेकर इन दिनों जिले भर में तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब उक्त बाबू कवर्धा आया था तब उसके पास सामान्य जीवनयापन के अलावा कुछ खास नहीं था, लेकिन आज आलीशान मकान, महंगी गाड़ियां और करोड़ों की संपत्ति होने की चर्चा आम हो चुकी है।
सूत्रों और जनचर्चाओं के अनुसार, बाबू के करीबी रिश्तेदारों, परिचितों और कथित बेनामी संपत्तियों की भी जांच की मांग उठने लगी है। आम लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच एजेंसी द्वारा इनके घर, रिश्तेदारों के निवास, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की जाए तो करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति सामने आ सकती है।
जिले में यह भी चर्चा है कि सरकारी दफ्तरों में फाइलों के संचालन और “सेटिंग” के जरिए वर्षों में अकूत संपत्ति अर्जित की गई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और जांच एजेंसियां जनचर्चाओं और उठ रहे सवालों पर क्या कदम उठाती हैं, या मामला केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा।
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ — जनता की आवाज



