कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी एन योगी की विशेष रिपोर्ट
कवर्धा वन मंडल में करोड़ों का घपला, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य
कवर्धा वन मंडल में भ्रष्टाचार का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि WBM रोड निर्माण के नाम पर करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया। जमीनी हकीकत यह है कि लगभग 20 लाख रुपये में ही WBM सड़क का काम अधूरा/औपचारिक रूप से किया गया, जबकि पूरे 1 करोड़ 20 लाख रुपये कागजों में काम पूरा दिखाकर निकाल लिए गए।
शिकायतें हुईं, पर कार्रवाई नहीं
इस कथित घोटाले की शिकायत भाजपा के बड़े नेताओं तक भी पहुंचाई गई, लेकिन कार्रवाई शून्य रही। कांग्रेस शासनकाल में वन मंडल अधिकारी श्री चूड़ामणि सिंह के कार्यकाल के दौरान यह गड़बड़ी बताई जा रही है। इसके बाद भी न तो जांच आगे बढ़ी और न ही दोषियों पर कोई ठोस कदम उठाया गया।
जब कार्रवाई हुई थी—तो अब क्यों नहीं?
यह भी सच है कि कांग्रेस शासनकाल में ही, अजीत जोगी के मुख्यमंत्री रहते हुए, तितरी सागौन कांड की शिकायत पर कवर्धा वन मंडल में फॉरेस्ट गार्ड से लेकर DFO तक निलंबित हुए थे। उस समय वन मंडल अधिकारी श्री गोवर्धन साहब थे और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की थी।
आज सवालों के घेरे में प्रशासन
इसके विपरीत, वन मंडल अधिकारी चूड़ामणि सिंह और शशि कपूर (DFO) के विरुद्ध शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि दोषी बताए जा रहे अधिकारियों को प्रमोशन देकर यहां से रवाना कर दिया गया—जबकि शिकायतें धूल फांकती रहीं।
? सबसे बड़ा सवाल
जब शिकायतें, सबूत और मिसालें मौजूद हैं—
तो कार्रवाई क्यों नहीं?
दोषियों को संरक्षण कौन दे रहा है?
अब फरियादी किसके पास जाए?
कबीर क्रांति सवाल पूछती है
क्या कवर्धा वन मंडल में भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है?
क्या शासन-प्रशासन जवाबदेही से भाग रहा है?
यह मामला सिर्फ सड़क का नहीं, सिस्टम की साख का है।
अब देखना होगा कि जांच कब होती है और दोषियों पर कब कार्रवाई होती है—या फिर यह फाइल भी बाकी शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी।
— कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
रिपोर्ट: डी एन योगी

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