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कवर्धा में ज्वेलरी कारोबार पर सवालों का सोना! एक दुकान, कई नाम… GST की आड़ में खेल या नियमों की खुली अवहेलना? कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कवर्धा में ज्वेलरी कारोबार पर सवालों का सोना!
एक दुकान, कई नाम… GST की आड़ में खेल या नियमों की खुली अवहेलना?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा।
कवर्धा शहर में इन दिनों ज्वेलरी कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। शहर की कई नामी ज्वेलरी दुकानों में हकीकत में दुकान एक ही है, लेकिन बाहर चार-चार ज्वेलरी फर्मों के नाम के बोर्ड लगे हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सभी फर्मों के अलग-अलग GST नंबर बताए जा रहे हैं, जबकि दुकानें केवल दो शटरों तक सीमित हैं।
स्थानीय व्यापारियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि चार अलग-अलग ज्वेलरी फर्म हैं, तो चारों की दुकानें भी अलग-अलग होनी चाहिए। दुकानों के भीतर चार-चार फर्मों के नाम लगे हुए हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि यह व्यवस्था कानूनी है या सिर्फ कागजों का खेल?
GST बचाने की जुगत या नियमों से खिलवाड़?
सूत्रों के अनुसार, एक ही स्टॉक, एक ही काउंटर और एक ही कर्मचारी के सहारे अलग-अलग नामों से बिलिंग की जा रही है। अगर ऐसा है, तो यह GST कानून की भावना के खिलाफ माना जा सकता है। जानकारों का कहना है कि
“सिर्फ अलग GST नंबर होना काफी नहीं, कारोबार भी वास्तव में अलग-अलग होना चाहिए।”
दो नंबर के सोने की खुलेआम चर्चा
इसी बीच, कवर्धा शहर में दो नंबर और चोरी के सोने को लेकर भी गंभीर चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चोरी का सोना छोटे स्तर से निकलकर बड़े-बड़े सराफा ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है, और वहां से आगे बड़े शहरों तक सप्लाई हो रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि
छोटे मामलों में तो कार्रवाई होती है
लेकिन किसी भी बड़े सराफा कारोबारी पर आज तक ठोस और बड़ी कार्रवाई नहीं हुई
जिससे पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।
कार्रवाई क्यों नहीं?
शहर में यह सवाल आम हो चला है कि
क्या जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है?
या फिर बड़े नामों तक हाथ पहुंचने से पहले ही रुक जाता है सिस्टम?
प्रशासन से उठ रही मांग
अब जरूरत इस बात की है कि:
GST विभाग ज्वेलरी दुकानों की संयुक्त जांच करे
पुलिस विभाग चोरी के सोने की सप्लाई चेन का खुलासा करे
और नगर पालिका/प्रशासन यह स्पष्ट करे कि एक ही दुकान में कई फर्मों का संचालन आखिर किस नियम के तहत हो रहा है
निष्कर्ष
कवर्धा में ज्वेलरी कारोबार आज सिर्फ चमकता हुआ सोना नहीं, बल्कि कानून, नियम और सिस्टम की परीक्षा बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों को गंभीरता से लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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