प्रदेशव्यापी पांचवीं की केंद्रीयकृत वार्षिक परीक्षा का शुभारंभ, बोड़ला ब्लॉक में निगरानी दल की कार्यप्रणाली पर सवाल

कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति
प्रदेशव्यापी पांचवीं की केंद्रीयकृत वार्षिक परीक्षा का शुभारंभ, बोड़ला ब्लॉक में निगरानी दल की कार्यप्रणाली पर सवाल
आज प्रदेशभर में कक्षा पांचवीं की केंद्रीयकृत वार्षिक परीक्षा का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में राज्य के कोने-कोने से छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हालांकि, बोड़ला ब्लॉक में परीक्षा के पहले ही दिन निगरानी दल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

उड़नदस्ता दल की भूमिका पर उठे सवाल
राज्य सरकार ने परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता दलों का गठन किया है, जिन्हें प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जाकर निगरानी करनी थी। लेकिन बोड़ला ब्लॉक में इन दलों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
बोड़ला ब्लॉक में निगरानी दल की कार्यप्रणाली
* बोड़ला ब्लॉक के दो ए.बी.ई.ओ. एक ही वाहन में भोरमदेव और बोड़ला के आसपास मंडराते देखे गए।
* अधिकांश उड़नदस्ता दलों ने शहरी क्षेत्रों में ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों की ओर उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
परीक्षा की महत्ता और अधिकारियों की लापरवाही
यह परीक्षा कई वर्षों बाद कक्षा पांचवीं के स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसका महत्व सर्वविदित है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निगरानी के नाम पर इस प्रकार की लापरवाही अत्यंत चिंताजनक है।
उठते सवाल
* क्या यह उड़नदस्ता दल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम है?
* ग्रामीण क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों की अनदेखी क्यों की गई?
* क्या इस मामले में उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई की जाएगी?
इस घटना ने परीक्षा की निष्पक्षता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यह देखना होगा कि इस मामले में शिक्षा विभाग क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।



