अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपत्ति से ₹50 हजार दंड की मांग, आधी राशि देने के बाद भी समाज से बहिष्कार का आरोप** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा। ग्राम कुटेली निवासी दीपक गंधर्व ने गंधर्व समाज के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अंतर्जातीय विवाह करने के कारण समाज ने उन पर ₹50 हजार का दंड लगाया। आरोप है कि आधी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। दीपक गंधर्व के अनुसार, उनके प्रथम पुत्र के छठी (जन्मोत्सव) कार्यक्रम के दौरान समाज के कुछ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न की और शेष दंड राशि तत्काल जमा नहीं करने पर पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने तथा अन्य लोगों को भी उनके कार्यक्रमों में शामिल न होने की चेतावनी दी। दबाव के चलते उन्हें छठी का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। दीपक का कहना है कि भारतीय संविधान अंतर्जातीय विवाह को मान्यता देता है और किसी भी व्यक्ति या परिवार पर ऐसे विवाह के कारण सामाजिक दंड या बहिष्कार थोपना उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले की शिकायत कोतवाली थाना कवर्धा में दर्ज कराई है। दीपक ने समाज से सवाल किया कि जब गंधर्व विवाह स्वयं प्रेम और स्वेच्छा पर आधारित विवाह की प्राचीन परंपरा का प्रतीक माना जाता है, तो अंतर्जातीय विवाह करने वालों के साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कुछ पदाधिकारियों पर वसूली और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। कोतवाली थाना कवर्धा द्वारा मामले की प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत होने की सलाह दी गई है। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपत्ति से ₹50 हजार दंड की मांग, आधी राशि देने के बाद भी समाज से बहिष्कार का आरोप**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। ग्राम कुटेली निवासी दीपक गंधर्व ने गंधर्व समाज के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अंतर्जातीय विवाह करने के कारण समाज ने उन पर ₹50 हजार का दंड लगाया। आरोप है कि आधी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
दीपक गंधर्व के अनुसार, उनके प्रथम पुत्र के छठी (जन्मोत्सव) कार्यक्रम के दौरान समाज के कुछ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न की और शेष दंड राशि तत्काल जमा नहीं करने पर पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने तथा अन्य लोगों को भी उनके कार्यक्रमों में शामिल न होने की चेतावनी दी। दबाव के चलते उन्हें छठी का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
दीपक का कहना है कि भारतीय संविधान अंतर्जातीय विवाह को मान्यता देता है और किसी भी व्यक्ति या परिवार पर ऐसे विवाह के कारण सामाजिक दंड या बहिष्कार थोपना उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले की शिकायत कोतवाली थाना कवर्धा में दर्ज कराई है।
दीपक ने समाज से सवाल किया कि जब गंधर्व विवाह स्वयं प्रेम और स्वेच्छा पर आधारित विवाह की प्राचीन परंपरा का प्रतीक माना जाता है, तो अंतर्जातीय विवाह करने वालों के साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कुछ पदाधिकारियों पर वसूली और धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
कोतवाली थाना कवर्धा द्वारा मामले की प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत होने की सलाह दी गई है।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


