कवर्धा जिले में 70 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज से मचा हड़कंप! उपार्जन केंद्रों में धान गायब… लेकिन रिकॉर्ड में खरीदी पूरी! कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद अब एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। मार्कफेड की रिपोर्ट में जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में लगभग 70 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज दर्ज किया गया है। सवाल बड़ा है — आखिर किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान गया कहां? कई उपार्जन केंद्रों में रिकॉर्ड में धान मौजूद बताया जा रहा है, लेकिन भौतिक सत्यापन में गोदाम खाली मिल रहे हैं। इससे बोगस खरीदी, फर्जी स्टॉक और करोड़ों के घोटाले की आशंका गहराती जा रही है। ** गंभीर आरोप: ** समिति प्रबंधक कम्प्यूटर ऑपरेटर सहकारिता विभाग खाद्य विभाग जिला विपणन संघ नोडल अधिकारी सबकी भूमिका अब सवालों के घेरे में! 26 मई को कलेक्टर की समीक्षा बैठक में 29 मई तक धान उठाव पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब सवाल उठ रहा है — जब धान मौजूद ही नहीं था तो उठाव किसका किया गया? मार्कफेड रिपोर्ट में कई केंद्रों में हजारों क्विंटल धान शेष: ▪️ कामठी – 4067 क्विंटल ▪️ सूरजपुरा – 3831 क्विंटल ▪️ पेण्ड्री कला – 2674 क्विंटल ▪️ जुनवानी – 2660 क्विंटल ▪️ रणवीरपुर – 2647 क्विंटल ▪️ उसरवाही – 2495 क्विंटल ▪️ कुरवा – 2484 क्विंटल ▪️ समनापुर (बहमनी) – 2386 क्विंटल ▪️ बोदा तरेगांव – 2386 क्विंटल और कई अन्य समितियों में भारी कमी… शासन के नियम क्या कहते हैं? 0.5% से अधिक कमी — नोटिस 1% से अधिक कमी — विभागीय जांच 2% से अधिक कमी — निलंबन + FIR लेकिन अब तक कार्रवाई क्यों नहीं? कबीर क्रांति ने मांग की है कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों, संग्रहण केंद्रों और राइस मिलों का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। जनता पूछ रही है — धान खरीदी में पारदर्शिता कहाँ है? क्या किसानों के नाम पर करोड़ों का खेल हुआ है? कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कवर्धा जिले में 70 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज से मचा हड़कंप!
उपार्जन केंद्रों में धान गायब… लेकिन रिकॉर्ड में खरीदी पूरी!
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद अब एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। मार्कफेड की रिपोर्ट में जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में लगभग 70 हजार क्विंटल धान शॉर्टेज दर्ज किया गया है।
सवाल बड़ा है — आखिर किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान गया कहां?
कई उपार्जन केंद्रों में रिकॉर्ड में धान मौजूद बताया जा रहा है, लेकिन भौतिक सत्यापन में गोदाम खाली मिल रहे हैं। इससे बोगस खरीदी, फर्जी स्टॉक और करोड़ों के घोटाले की आशंका गहराती जा रही है।
** गंभीर आरोप: ** समिति प्रबंधक
कम्प्यूटर ऑपरेटर
सहकारिता विभाग
खाद्य विभाग
जिला विपणन संघ
नोडल अधिकारी
सबकी भूमिका अब सवालों के घेरे में!
26 मई को कलेक्टर की समीक्षा बैठक में 29 मई तक धान उठाव पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब सवाल उठ रहा है — जब धान मौजूद ही नहीं था तो उठाव किसका किया गया?
मार्कफेड रिपोर्ट में कई केंद्रों में हजारों क्विंटल धान शेष: ▪️ कामठी – 4067 क्विंटल
▪️ सूरजपुरा – 3831 क्विंटल
▪️ पेण्ड्री कला – 2674 क्विंटल
▪️ जुनवानी – 2660 क्विंटल
▪️ रणवीरपुर – 2647 क्विंटल
▪️ उसरवाही – 2495 क्विंटल
▪️ कुरवा – 2484 क्विंटल
▪️ समनापुर (बहमनी) – 2386 क्विंटल
▪️ बोदा तरेगांव – 2386 क्विंटल
और कई अन्य समितियों में भारी कमी…
शासन के नियम क्या कहते हैं? 0.5% से अधिक कमी — नोटिस
1% से अधिक कमी — विभागीय जांच
2% से अधिक कमी — निलंबन + FIR
लेकिन अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
कबीर क्रांति ने मांग की है कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों, संग्रहण केंद्रों और राइस मिलों का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
जनता पूछ रही है — धान खरीदी में पारदर्शिता कहाँ है? क्या किसानों के नाम पर करोड़ों का खेल हुआ है?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट




