0,,सरपंच संघ जिला अध्यक्ष अमर वर्मा की हुई शिकायत , जांच में दोषी साबित, बावजूद वसूली नही,, ०,,मूलभूत राशि का दुरुपयोग का आरोप ,, मनरेगा मद का खुला दुरुपयोग का आरोप ,, नियम विरुद्ध परिवार को लाभ दिलाने का आरोप,, सरपंच सचिव की मिलीभगत का आरोप,, सचिव को निलंबित कर जिम्मेदारी का निर्वाहन,, भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच से कब होगी वसूली और,,बर्खास्त की कार्यवाही,, 0,,सुक्ष्म जांच की आवश्यकता

कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति
0,,सरपंच संघ जिला अध्यक्ष अमर वर्मा की हुई शिकायत , जांच में दोषी साबित, बावजूद वसूली नही,,
०,,मूलभूत राशि का दुरुपयोग का आरोप ,,
- मनरेगा मद का खुला दुरुपयोग का आरोप ,,
- नियम विरुद्ध परिवार को लाभ दिलाने का आरोप,,
- सरपंच सचिव की मिलीभगत का आरोप,,
- सचिव को निलंबित कर जिम्मेदारी का निर्वाहन,,
- भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच से कब होगी वसूली और,,बर्खास्त की कार्यवाही,,
0,,सुक्ष्म जांच की आवश्यकता
कवर्धा , बोडला विकासखण्ड में सरकारी खजाना को लूटने में कोई भी सरपंच ने कोई कसर नहीं छोड़ा , जिसका मुख्य वजह जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी है जो नियमित निरीक्षण करने में परहेज करते है या फिर उन्हे अधिनस्तो ने तवज्जो नहीं देता । ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान जनपद पंचायत बोडला के वर्तमान सरपंच अमरसिंह वर्मा जो सरपंच संघ का जिला अध्यक्ष है जिन्होंने अपने पद और के चलते अपने कार्यकाल वित्तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 व वर्तमान चालु सत्र 2024-25 में ग्राम किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं हुआ हैं, तथा सरपंच / सचिव आपसी मिली भगत कर गलत तरीके से विकास कार्य हेतु प्रदान की राशि का आरहण कर कोई भी विकास कार्य ग्राम पंचायत क्षेत्र में नहीं किया गया हैं जिसका शिकायत कर जांच की मांग किए हैं
मूलभूत राशि का दुरुपयोग का आरोप
शिकायत कर्ता ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 में मुलभुत मद की राशि को जिन-जिन कार्यों में खर्च किया जाना बताया गया हैं उन समस्त कार्यों की जांच कराई जावे की यह कार्य वास्तव में की गई हैं या नहीं। वित्तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 में 14वे व 15वे वित्त से प्रदान की गई राशि से की गई कार्यों की। भुपेश सरकार के समय पर निमार्ण गौठान में कितनी राशि स्वीकृत इसकी जानकारी किसी को नही हैं तथा उक्त राशि से क्या क्या होना था और वास्तविक में हुआ या नही , वर्तमान वित्तीय वर्ष में सी सी रोड़ का निर्माण कार्य हुआ हैं जिसकी गुणवत्ता की जांच की मांग किए है ।
मनरेगा मद का खुला दुरुपयोग का आरोपमनरेगा मद का खुला दुरुपयोग का आरोप
शिकायत कर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि नरेगा योजना से पक्की नाली निर्माण कार्य (शाकंभरी तालाब उलट के पास) जो कार्य अभी शुरूवात भी नहीं हुआ हैं परंतु नरेगा की वेबसाइट पर उक्त कार्य 01.01.2024 से मस्टररोल में अपने लोगो का हाजरी भरवाया गया हैं जिसका भुगतान भी उपने खाता में हो गया हैं कृपया इसकी भी जांच किया जावे। शिव मंदिर के पास के समथलीकरण कार्य की जांच किया जाए ।गोबर खरिदी व खाद निर्माण कार्य में जांच। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की भूमि पर सांस्कृतिक मंच का निर्माण कराया हैं जिसको किसके आदेश पर बनाया गया हैं क्या इसके लिए विद्यालय परिसर की भूमि आबांटीत की गई है जिसकी जांच की जावे तथा उक्त मंच की गुणवत्ता की जांच की जावे ।सरपंच के द्वारा कराये जाने किसी भी कार्यों में पारदर्शिता नही होती वर्तमान में ही अनुचित जगह पर विद्यालय निर्माण कराया जा रहा हैं जिसकी शुरूवात की जा चुकी है परंतु अभी तक सुचना पटल नही बनाया गया है। गुणवत्ताहीन ईट को मंगाया जा रहा हैं।
नियम विरुद्ध परिवार को लाभ दिलाने का आरोप
शिकायत कर्ता रामफल वर्मा ने बताया कि पंचायती राज के नियम के विपरीत अपने परिवार के ट्रैक्टर से दुलाई का कार्य करा कर उनको आर्थिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हैं जो की अवैधानिक हैं। सरपंच सचिव अपनी ममनानी करते हुए पंचायत कार्यालय हमेशा बंद रहता जिस आम जन को मुलभुत सुविधाओं से वंचित रहना व कार्य कराने हेतु भटकना पडता हैं। कृपया इस पर भी कार्यवाकी करें। . वित्तीय वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 व वर्तमान चालु सत्र 2024-25 में सरपंच द्वारा कराई गई, कई कार्य ऐसे भी हैं जिनके बारें में लोगो को पता नही पर रिकार्ड में वह कार्य पुर्ण हो गया हैं परंतु मौका पर नही इस पर जांच की जावे।
सरपंच सचिव की मिलीभगत का आरोप
शिकायत कर्ता ने अपने शिकायती पत्र में यह भी लिखे हैं कि सरपंच / सचिव आपसी मिलीभगत कर कई कार्यों का राशि आरहण कर लेते हैं परंतु कार्य 2-4 माह तक भी प्रांरभ नही होता हैं।
सचिव को निलंबित कर जिम्मेदारी का निर्वहन
भ्रष्ट्राचार का गुण सचिव लोग ही सिखाते है सरपंच तो जानकारी ही नहीं रखते सरपंच को नियम कानून सीखते सीखते पूरा कार्यकाल निकल जाता है । कार्यालय जिला पंचायत कबीरधाम ने आदेश जारी जिसका पत्र कमांक/1354/पंचा./स्था./2024 , है जिसमे अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उपसंभाग बोड़ला द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन अनुसार सरला चन्द्राकर, सचिव ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान, जनपद पंचायत बोड़ला द्वारा सरपंच श्री अमरसिंह वर्मा के साथ मिलीभगत कर 14वें, 15वें वित्त तथा मूलभूत योजना से बिना कार्य कराये राशि 10,58,864.00 रूपये आहरण कर शासकीय राशि का दुरूपयोग करने का आरोप है। इस प्रकार सचिव सरला चन्द्राकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता बरती गई है। उक्त कृत्य छ.ग. पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 में निहित प्रावधानो के विपरित है एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है । सरला चन्द्राकर, सचिव ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान, जनपद पंचायत बोड़ला को छ.ग. पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 में निहित प्रावधान अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधी में इनका मुख्यालय जनपद पंचायत बोड़ला रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव शील होगा।
भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच से कब होगी वसूली और बर्खास्त की कार्यवाही
कार्यालय जिला-पंचायत, कबीरधाम (छ.ग) क्रमांक / 1356/ पंचा. स्था. / शिकायत / 2024कबीरधाम, दिनांक 10.07.2022 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभाग-बोडला जिला-कबीरधाम (छ.ग.) सरपंच अमरसिंह वर्मा, ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान, जनपद पंचायत बोड़ला के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु पत्र जारी किया है जिसमे लिखा है कि अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उपसंभाग बोड़ला द्वारा प्रस्तुत जांच में सरपंच श्री अमर सिंह वर्मा, ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान, जनपद पंचायत बोड़ला द्वारा सचिव श्रीमति सरला चन्द्राकर के साथ मिलीभगत कर 14वें, 15वें वित्त तथा मूलभूत मद से बिना कार्य कराये राशि 10,58,864.00 रूपये आहरण कर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जाना पाया गया है। इस प्रकार सरपंच श्री अमर सिंह वर्मा द्वारा अपने पदीय दायित्वो के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता बरता गया है। सरपंच श्री अमरसिंह वर्मा, ग्राम पंचायत तरेगांव मैदान, जनपद पंचायत बोड़ला को छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 में निहित प्रावधान अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही कर, कृत कार्यवाही से इस कार्यालय को अवगत करावें। पत्र जारी किए आज दस दिन से अधिक का समय बीत गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई जो तरह तरह के संदेह को जन्म देता है ।
सूक्ष्म जांच की आवश्यकता
जिला पंचायत कबीरधाम द्वारा गठित टीम ने सूक्ष्मता से जांच नही किया । यदि सूक्ष्मता से जांच की जाए तो पचास लाख रुपए से ज्यादा का आर्थिक अनियमितता उजागर होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। दस लाख रुपए की गड़बड़ी का उजागर करके ज़िम्मेदार अपना जिम्मेदारी का निर्वाहन कर लिया ।



