चिल्फी में बना बम्बू टेट्स कबाड़ में तब्दील , पर्यटक हो रहे मायूस,,, पचास लाख रुपये बरबाद ,आखिर दोषी ब्यक्ति कबतक बचता रहेगा, पुछता है कबीर क्रांति,,,,? कबीरधाम की जनता ने श्री विजय शर्मा डिप्टी सीएम से उक्त प्रकरण में दोषियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही की मांग की है

चिल्फी में बना बम्बू टेट्स कबाड़ में तब्दील , पर्यटक हो रहे मायूस,,,
पचास लाख रुपये बरबाद ,आखिर दोषी ब्यक्ति कबतक बचता रहेगा, पुछता है कबीर क्रांति,,,, ?
कबीरधाम की जनता ने श्री विजय शर्मा डिप्टी सीएम से उक्त प्रकरण में दोषियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही की मांग की है
कवर्धा ,डी एन योगी कबीर क्रांति
कवर्धा,प्राकृतिक सुंदरता और बैगा आदिवासी के निवास करने और उनके रहन सहन के चलते चिलफी को मिनी कश्मीर के नाम से देश और प्रदेश में जाते जाते है साथ राज्य गठन से लेकर अब तक जिले का अपना खुद का अलग ही वजूद है । कबीरधाम वन मंडल द्वारा 17 अगस्त 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री , वन मंत्री सहित कई जनप्रतिनियो ने लोगो को लिए उद्घाटन करते हुए समर्पित किया लेकिन आज कबाड़ में तब्दील हो गया । उक्त स्थान पर आदमी तो क्या जानवर भी जाना पसंद नही करते ।
50 लाख रुपए बर्बाद ,आखिर दोषी ब्यक्ति कबतक बचता रहेगा, पुछता है कबीर क्रांति,,?
तत्कालीन वन मंडल अधिकारी ने स्थानीय नेताओं और तत्कालीन मुख्यमंत्री को लोक लुभावन के साथ अंधेरे में रखकर पचास लाख रुपए की लगता का प्रोजेक्ट तैयार किया और पानी की तरह बहा दिया । बकायदा उसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री , प्रभारी मंत्री, वन मंत्री , क्षेत्रीय विधायक,सांसद सहित अन्य जन प्रतिनिधि को बुलाकर कराया लेकिन आज उक्त भवन का कोई उपयोग नहीं होने के कारण कबाड़ के रूप में दिखाई दे रहा है।
पर्यटक हो रहे मायूस भस्टासारी खुश।
भ्रष्टाचार में लिप्त विभाग ने उक्त भवन का निर्माण कर विभागीय वेबसाइट के साथ गुगल में अपलोड कर दिया। जिसे देखकर आने वाले पर्यटक मायूस होकर चले जाते है । प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण चिल्फी घाटी जिसे मिनी कश्मीर के नाम से भी जाना जाता है जहा पर हजारों की संख्या में देश विदेश के पर्यटक प्रतिवर्ष आते है और विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए मायूसी होकर चले जाते है।


