कवर्धा

रजत जयंती मना रही मां संतोषी बोल बम समिति.. हटरी पारा,कवर्धा।

रजत जयंती मना रही मां संतोषी बोल बम समिति..
हटरी पारा,कवर्धा।।

कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति

कवर्धा,,,इस साल जुलाई से शुरू होने वाली काँवर यात्रा के लिए सभी टीम अपनी तैयारीयो में जुट गई है। मां संतोषी बोल बम समिति हटरी पारा, भी यात्रा के लिए जोर शोर से जुटी हुई है। बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। संस्था प्रमुख अजय गुप्ता (नटखट स्टूडियो) ने बताया कि इस बार हमारी यात्रा सभी बमों के लिय विशेष महत्व रखती है , क्योंकि हमारी समिति का यह 25 वा वर्ष है,हालाकि समिति के कई बमों की यात्रा 30 से 35 वर्ष की हो चुकी है जो कि पूज्य गुरुदेव स्वर्गीय अर्जुन महाराज जी के सहायक रह चुके है। उन्होंने बतलाया कि हमारी समिति का 25 वा वर्ष मां नर्मदा के जल से पंचमुखी बुढ़ा महादेव का अभिषेक करने से पूरा हो जाएगा। सभी बम साथियों में विशेष उत्साह है खास कर कुछ पुराने साथी भी इस बार अपनी यात्रा को फिर से शुरू करने की सोच रहे हैं, इसके लिए उन्होंने तैयारी करनी भी शुरू कर दी है, नंगे पैर चलकर अभ्यास किया जा रहा है। यात्रा के लिए जो ड्रेस आदि की जरूरत होती है उसकी व्यवस्था की जा रही है सबसे महत्वपूर्ण कार्य अपने काँवर का उचित रखरखाव करना होता है क्योंकि पूरी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अंग काँवर ही होता है। दोनों लोटे का पॉलिश करना फिर उसमें परंपरा अनुसार तांबे का रांगा कराया जाता है। आगे उन्होंने बताया कि हमारी समिति की यात्रा गुरु पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आगे सात दिनों में पूरी होती है। शुरुआत के 2 दिन पूजा अर्चना जिसमें जलेश्वर महादेव का मां नर्मदा का जल से अभिषेक,फिर अपने काँवर में नर्मदा जल भरकर यात्रा हेतु संकल्प लिया जाता है। यात्रा के तीसरे दिन हमारी पदयात्रा शुरू हो जाती है, जो शाम गंतव्य स्थान तक पहुंचने तक अनवरत चलती रहती है। प्रथम दिन
खारीडीह,फिर दूसरे दिन पंडरी पानी,फिर कुई, डोंगरिया होते हुए आखिरी दिन कवर्धा आगमन होता है। संस्था प्रमुख ने बताया की यात्रा के दौरान हम नाश्ते में भुना हुआ चना बिस्कुट थोड़ा बहुत नमकीन आदि लेकर चलते हैं और मार्ग में मिलने वाली नदियों व पोखरों के पानी से बम अपना प्यास बुझाते हैं। इस बार लगभग 30 से 35 बमों ने अपनी सहमति यात्रा के लिए प्रदान की है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से सभी बम अपनी यात्रा पूरी करने के लिए पूरे तन मन से तैयारी में जुटे हुए हैं। समिति के सदस्य 20 जुलाई को रात्रि में स्थानीय देवालयों में पूजा अर्चना कर अमरकंटक के लिए प्रस्थान करेंगे।।

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