कवर्धा, डी एन योगी बेटियों के विरोधी है कवर्धा नगर पालिका कवर्धा,,आज दिनांक 29-03-2022 को नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा बहुत ही निराशाजनक एवं आम जनता को छलने वाला बजट प्रस्तुत किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग पांडे ने कहां की वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 के पुनरीक्षण बजट में किसी भी प्रकार के विशेष कार्यों का उल्लेख नहीं किया गया है।पूर्व के बजट पत्र को पुनः प्रतिलिपित कर बजट प्रस्तुत हेतु रखा गया है ।नगर पालिका क्षेत्र में निवासरत सभी नागरिकों के हित में सामान्य कार्यों के अलावा किसी भी हित जनक कार्यों का उल्लेख नहीं है। ना जल संवर्धन हेतु, ना पर्यावरण को संरक्षित करने हेतु,न वृक्षारोपण हेतु,न कोरोना काल मे पीड़ित गरीब परिवारों को करों में विशेष राहत प्रदान करने हेतु नेता प्रतिपक्ष ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बेटी विरोधी कार्य कर रही है उन्होंने बताया कि 2019 से पूर्व परिषद द्वारा बालिका संरक्षण हेतु बेटियों के जन्म पर बीपीएल परिवारों को 2000 प्रोत्साहन राशि दी जाती थी जो कि बंद कर दिया गया है इससे यह पता चलता है की शराबबंदी का वादा 10 दिनों में करने वाली राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की बहनों को तो छल ही चुकी है ठीक उसी दिशा में कवर्धा नगर पालिका की कांग्रेस नीत परिषद भी अब बेटियों का अपमान कर रही है। 2019 से पूर्व परिषद द्वारा स्वीकृत कार्यों के अलावा कोई भी नया विकास कार्य सम्मिलित नहीं है। नगर पालिका परिषद कवर्धा में नेता प्रतिपक्ष उमंग पांडे ने प्रस्तुत बजट को बहुत ही निराशाजनक बताया कि राज्य शासन के बजट में नगरी प्रशासन विभाग के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं रखा गया तो उसी का अनुसरण करते हुए नगर पालिका कवर्धा के बजट में कवर्धा नगर के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय प्रावधान नहीं किया गया जिससे शहरवासियों का हित हो। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब तक के नगर पालिका में जो भी कार्य किये जा रहे हैं वह कार्य छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय डॉ रमन सिंह जी एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी के द्वारा स्वीकृत एवं प्रारंभ किए गए कार्य हैं। आज कांग्रेस कार्यकाल के 3 वर्ष में एक भी महत्वपूर्ण विकास कार्य की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। आज कवर्धा शहर में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं वह पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की देन है, इसमें भी काँग्रेसी नेताओं के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हर कार्य गुणवत्ता विहीन किए जा रहे हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी परिषद की बैठक में बजट प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण विषय के प्रति गंभीर ना होकर बैठक में आधे घंटे विलंब से उपस्थित हुए यह पूरे परिषद एवं सम्माननीय जनप्रतिनिधियों का अपमान है। पार्षद प्रमोद शर्मा ने कहां की आज प्रस्तुत बजट में कोरोना काल में प्रभावित एवं पीड़ित गरीब परिवारों के राहत के लिए कोई प्रावधान नहीं लाया गया है। पार्षद पवन जायसवाल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर पालिका को कवर्धा शहर की पर्यावरण की कोई चिंता नहीं है क्योंकि बजट में पर्यावरण संरक्षण हेतु एक भी प्रधान नहीं किए है। पार्षद रिंकेश वैष्णव ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने बिना प्रशासनिक स्वीकृति लिए एवं बिना टेंडर के कार्य किए जा रहे हैं इसका कड़े शब्दों में विरोध किया । Spread the love Post navigation सभी समाज के लोगों ने किया करपात्री विद्यालय में परिवर्तन का विरोध मुंगेली विधानसभा युवा कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन ।