कवर्धादुर्ग

मामूली विवाद के चलते आगजनी जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी को कुंण्डा पुलिस ने पहुंचाया जेल।

मामूली विवाद के चलते आगजनी जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी को कुंण्डा पुलिस ने पहुंचाया जेल।

आरोपियों के द्वारा घर के अंदर घुसकर मारपीट कर घर में आग लगाकर हो गया था फरार।

आरोपियों को बिलासपुर से गिरफ्तार करने में पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता।

कवर्धा,, कबीर क्रांति,,कबीरधाम पुलिस अधीक्षक से मोहित गर्ग के द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने थाना चौकी में दर्ज प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण कर आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें। इसी तारतम्य में
ग्राम बहबलिया निवासी प्रार्थीया द्वारा थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि शाम के समय घर में हम लोग बैठे थे उसी समय आरोपीगण संतराम साहू, नाजर साहू, परमानंद साहू, मुरलीधर साहू जबरन हमारे घर के अंदर घुसकर, नाजर साहू के नतनिन की शादी को तुम्हारे पति तोड़वा दिए है, कहकर आज तुम लोगों को जिन्दा नहीं छोड़ेंगे कहकर अभद्रता पूर्वक गाली गलौज कर मारपीट कर किचन रूम मे आग लगा दिया कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 19/2021धारा -452,294,323,506,436,34भादवि.कायम कर विवेचना में लिया गया, आरोपी गण घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। उक्त आरोपियों का लगातार पुलिस टीम के द्वारा पता तलाश किया जा रहा था जिस पर मुखबिर कि सूचना प्राप्त हुआ कि आरोपी वर्तमान में बिलासपुर में रह रहे हैं उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारी गणों को अवगत कराया गया। जिस पर कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के निर्देशन एवं पंडरिया अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री नरेंद्र कुमार बेंताल से दिशा-निर्देश प्राप्त कर थाना प्रभारी कुंण्डा निरीक्षक श्री कपिल देव चंद्रा द्वारा हमराह स्टॉफ को तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने बिलासपुर रवाना किया गया जहां उक्त आरोपी को पुलिस टीम के द्वारा धर दबोचा गया। जिसमें आरोपी संतराम साहू पिता केजहा साहू 71 साल, परमानन्द साहू, पिता संतराम साहू उम्र 42 साल, मुरलीधर साहू पिता 38 साल को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। उक्त कार्यवाही में थाना कुंण्डा प्रभारी निरीक्षक कपिलदेव चंद्रा के कुशल नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक श्री चिन्ताराम देशमुख, आरक्षक अरूण बघेल, मनोज शर्मा, दिलीप लहरे, चंद्रशेखर चंद्राकर का सराहनीय योगदान रहा।

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