कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री ऋचा मिश्रा तथा उप. पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री पी.आर. कुजूर, उप. पुलिस अधीक्षक आजाक श्री बी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन में महिला सेल प्रभारी निरीक्षक श्रीमती रमा कोष्टि के द्वारा कबीरधाम जिले के ऐसे सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के संचालक जो लॉकडाउन के दिनों में लगातार अपनी सेवाओं से जरूरतमंदों तक राशन उपयोग की वस्तुएं भोजन की व्यवस्था आइसोलेशन कक्ष की व्यवस्था कर लगातार आम जनों की मदद कर रहे हैं। जिनके कार्यों से अनेकों असहाय जनों को निशुल्क मदद मिल रही है, उन सभी सामाजिक संस्था में जुड़ें व्यक्तियों का महिला सेल प्रभारी निरीक्षक श्रीमती रमा कोष्टि एवं महिला सेल पुलिस टीम ने पुष्प भेंट कर सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया।
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*जिले में युवाओं को रोजगार का अवसर, 3 दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प आयोजित* कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
November 27, 2025
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ धान खरीदी में दोहरा चरित्र? तीन केंद्रों पर एफआईआर, 106 केंद्रों पर प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी! देखिए डी. एन. योगी की रिपोर्ट कवर्धा। जिले की धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आधिकारिक सोसायटी रिपोर्ट के अनुसार जिले के 108 धान उपार्जन केंद्रों में 63,72,351.20 क्विंटल धान की खरीदी हुई, लेकिन 59,063.36 क्विंटल धान का उठाव अब भी लंबित दर्ज है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिले के अनेक केंद्रों में हजारों क्विंटल धान का उठाव शेष है, तब एफआईआर केवल सहसपुर लोहारा, बम्हनी और पेंड्रीकला केंद्रों में ही क्यों? क्या नियम सिर्फ तीन केंद्रों पर लागू होते हैं या बाकी केंद्रों के लिए अलग व्यवस्था है? रिपोर्ट के अनुसार कामठी (3,326.36 क्विंटल), पेंड्रीकला (2,674.98), उसरवाही (2,373.14), समनापुर बम्हनी (2,186.52), सुरजपुरा (2,144.25) सहित कई केंद्रों में हजारों क्विंटल धान का उठाव शेष है। इसके अलावा कुकदुर, बिडौरा-रक्से, बोदा (तरेगांव जंगल), बैजलपुर, जुनवानी, रणवीरपुर, सरईसेत, गोछियां, सारंगपुर, बोड़ला सहित अनेक केंद्रों में भी सैकड़ों से हजारों क्विंटल धान लंबित दर्ज है। बड़ा सवाल यदि धान का लंबित उठाव ही एफआईआर का आधार है, तो बाकी 106 केंद्रों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हुई है या कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग अपनाया गया? प्रशासन भले ही 99.07% धान उठाव का दावा करे, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में 59 हजार क्विंटल से अधिक धान लंबित होना भी एक गंभीर तथ्य है, जिसे केवल प्रतिशत के आंकड़ों से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसानों और आम नागरिकों की मांग है कि प्रशासन सभी उपार्जन केंद्रों की समान जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और यदि कहीं अनियमितता है तो नियमों के अनुसार समान कार्रवाई सुनिश्चित करे। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ “सवाल जनता के… जवाब प्रशासन से!” डी. एन. योगी, संपादक
July 7, 2026
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