बलरामपुर

 बलरामपुर : प्रभारी सचिव ने नरवा, गरुआ, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण, परंपरागत फसलों के अलावा रागी, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबा का करें विस्तार: श्री पिंगुआ

 बलरामपुर : प्रभारी सचिव ने नरवा, गरुआ, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण,
परंपरागत फसलों के अलावा रागी, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबा का करें विस्तार: श्री पिंगुआ

बलरामपुर 0कबीर क्रांति

जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। विकासखंड कुसमी के चांदो में फूड पार्क के चिन्हित भूमि का अवलोकन कर जल्द कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कुसमी के ग्राम कुटरू में कृषि विभाग के सहयोग से किये जा रहे रागी के खेतों तथा नरवा, गरुआ, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। वन विभाग द्वारा विकासखंड राजपुर के ग्राम सेवारी में 3 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधरोपण क्षेत्र का भी अवलोकन किया। प्रभारी सचिव द्वारा सामरी स्थित छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटकों के लिए गौरलाटा के अवलोकन हेतु व्यू पॉइंट बनाने के निर्देश दिए तथा दिशासूचक बोर्ड लगाने को कहा।
प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने ग्राम चांदो में फूड पार्क के लिए आबंटित भूमि का अवलोकन किया। उन्होंने राजस्व तथा उद्योग विभाग के संयुक्त टीम के साथ चयनित स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। श्री पिंगुआ ने कृषि विभाग द्वारा धान से इतर रागी तथा अन्य फसलों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कुसमी के ग्राम कुटरू में रागी की खेती कर रहे रामसुंदर यादव के खेत में पहुचकर उनके अनुभव के बारे में जाना। कृषि विभाग के अधिकारियों से रागी की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे बीज, सिंचाई, तथा उपलब्ध बाजार के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परंपरागत फसलों के अलावा
: उन्होंने परंपरागत फसलों के अलावा रागी, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबा विस्तार हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए तथा कहा कि जलवायु के अनुकूल फसलों की खेती की जाए ताकि आय में वृद्धि हो।
प्रभारी सचिव द्वारा ग्राम मनकेपी में निर्माणाधीन फुलझर नाला ट्रीटमेंट के विभिन्न संरचनाओं का अवलोकन किया। फुलझर नाला ट्रीटमेंट प्लान में कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रभारी सचिव को नाला ट्रीटमेंट प्लान के लिए बनाए गए कंटूर ट्रंच, कंटूर पाल, गेबियन, स्टॉप डेम, गली प्लग को दिखाते हुए इसके कार्य से अवगत करवाया। श्री पिंगुआ ने मानचित्र के माध्यम से पूरी योजना का अवलोकन किया तथा कृषकों को इससे होने वाले फायदे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मनकेपी गौठान का निरीक्षण कर गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर क्रय कर रही समूह की महिलाओं तथा गोबर विक्रेताओं से बात कर उनका अनुभव जाना। उन्होंने गोबर क्रय के लिए संधारित पंजी तथा पशुपालकों को दिए गये कार्ड का भी अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से कहा कि गोबर खरीदी की पूरी प्रक्रिया कुछ ही दिनों में ऑनलाइन किया जाएगा जिससे खरीदी प्रक्रिया सरल हो जाएगी। गौठान में समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे हल्दी तथा अदरक की खेती को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आजीविकामूलक कार्यो के लिए महिलाओं को प्रशासन का पूरा सहयोग प्राप्त हो, ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि महिलाओं को आसानी से बाजार उपलब्ध हो।
इसके पश्चात श्री पिंगुवा ने सेवारी में वन विभाग द्वारा किये गए वृहद वृक्षारोपण क्षेत्र का निरीक्षण किया। वनमंडलाधिकारी श्री लक्ष्मण सिंह ने प्रभारी सचिव को बताया कि 30 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 33 हजार पौधे लगाये गए हैं जिसमें प्रमुख रूप से करंज, हल्दू, मुंडी, शीशम, शीशु, तून के पौधे शामिल हैं।

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