
बालोद में गुटके का ऐसा कारोबार जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान,किसकी सहमति से चल रहा यह काला कारोबार…
अनीश राजपूत
बालोद-शहर में अवैध गुटका बेचने का धंधा खूब फल फूल रहा है। पुलिस की नाक के नीचे बिक रहे गुटके पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं होने से गुटका व्यापारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। लेकिन पुलिस की नाक के नीचे किये जा रहे गुटका परिवहन पर कार्यवाही नहीं होना समझ से परे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिन के उजाले यानि सुबह 4 से 6 बजे के बीच पाररास पड़कीभाट बायपास से होकर गुटके के जखीरे को गाड़ी के जरिये मुख्यालय के पुलिस थाने के सामने से होकर गुजारा जाता है। बावजूद इसके पुलिस को जानकारी तक न होना समझ से परे है। जानकारी के मुताबिक बालोद मुख्यालय से निकलने के बाद दल्लीराजहरा मुख्य मार्ग पर पड़ने वाले दैहान के जंगल में गाड़ी की अदला बदली की जाती है ताकि पुलिस जिस गाड़ी पर नजर बनाये रखी है वह गाड़ी पकड़ में आने पर भी गुटका व्यापारी बच निकले। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में गुटका परिवहन पुलिस प्रशासन की उदासीनता कहें या फिर जानबुझकर पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है?
अलग अलग स्थानों में बना कर रखे गोदाम..
मिली जानकारी के अनुसार गुटका व्यापारी अपने पुराने गोदामों में रखे गुटके के स्टॉक को दूसरे गोदामों में शिप्ट कर दिये हैं ताकि पुलिस को किसी तरह से शक न हो और उस गुटके के स्टॉक को मोटर सायकल के माध्यम से व्यापारी बेचने के लिए सप्लाई करते हैं। मिली जानकारी के अनुसार गुटका व्यापार के इस पूरे खेल के बारे में पुलिस को भी जानकारी है बावजूद इसके बालोद थाने की पुलिस मौन है। बता दें कि मुख्यालय के दल्लीचौंक, सदर बाजार, मरारपारा, बुधवारी बाजार, पुराना बस स्टैण्ड, मधु चौंक सहित विभिन्न स्थानों से गुटका के बड़े कारोबारी गुटके का व्यापार करते हैं।
तीन गुने दाम में बिक रहा गुटका….
लॉकडाउन लगा से पहले जो गुटका पांच रूपये में बिकता था वही गुटके का मुल्य आज पन्द्रह रूपये तक पहुंच गया है। इसी तरह अन्य जर्दा व सादा गुटका का मुल्य भी तीन गुना हो गया है। बीते दिनों जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही होने के बाद भी मुख्यालय के गुटका व्यापारी सबक नहीं ले रहे हैं। क्योंकि अब तक बालोद जिला मुख्यालय में कार्यवाही नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि इस गुटका व्यापारियों के अवैध कारोबार के मनसूबे को पुलिस कितने दिन में नाकाम करती है।




