मध्यप्रदेश

क्षेत्र की काष्ठ शिल्प प्रतिभा प्रोत्साहन को तरस रही गोविन्द चौहान

उदयनगर तहसील के ग्राम दढ़ देवनलिया के दिनेश परमार जिन्हें लोग पेंटर बाबू के नाम से जानते हैं यह युवक एकलव्य साधना परंपरा से ही बगैर गुरु के काष्ठ शिल्प कारी में परंपरागत हो गया इसके द्वारा बनाई गई मूर्तियां मानो पूरी तरह जीवंत होकर कुछ ही देर में बोल पड़ेगी खूबसूरत मूर्तियां लोकल स्तर पर चर्चा का विषय जरूर है किंतु बड़े प्रोत्साहन से दूर यह युवक अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं दे पा रहा है इस युवक ने सामाजिक संस्था सीतावन उत्थान सेवा समिति के सेवको से मिलकर अपनी प्रतिभा की चर्चा की प्रतिभा को जानने के लिए समिति ने उन्हें माँ सरस्वती की प्रतिमा बनाने को कहा ,दिनेश परमार 22 मार्च को जंगल जाकर मूर्ति बनाने में उपयोग आ सके ऐसी लकड़ी का चयन किया वर्षा ऋतु में जो लकड़ियां बहकर आती है, जँहा सारा कचरा लकड़ी आकर अटक जाते है, ये कलाकार उन स्थानों पर जाकर उन ठूठों को लाकर, फिर अपनी कला।को उसपर तरासता है, जो माँ सरस्वती की मूर्ति बनाने का, उससे कहा गया था, उक्त कलाकार ने बहुत खुंबसुरत मूर्ति बनाकर 8 से दिनों में तैयार कर दी, मूर्ति की ऊंचाई 32 इंच हे,जब इस कलाकार से पूँछा गया कि यह कबसे बना रहा है तो कहने लगा, विगत 4 से पाँच वर्षों से बना रहा हूँ, कोई आर्डर देता है, तो अन्य कोई कार्य नही होता है, तो बनाता हूँ, क्योंकि में पेशे से पेंटर हूँ, उस कार्य मे मुझे मेरी घर चलाने हेतु, अच्छी धन राशि प्राप्त हो जाती है, दूसरी प्रमुख समस्या है, मूर्ति हेतु लकड़ी,जो तना (ठूठ) होता है, जो कठनाइयों में मिलता है, वनविभाग को दिखाकर इस पर काम शुरू करता हूं
आगे जानकारी में बताया कि एक मूर्ति बनाने में,व एक मूर्ति पर कितनी राशि मिलती है, तो दिनेश पेंटर ने बताया कि,8से 10 दिनों में बनकर तैयार होती है शोक पूरा होने के साथ-साथ कुछ मेहनताना मिल जाता है कलाकार की मेहनत और तराशने की कला प्रोत्साहन की मोहताज है जबकि राष्ट्रीय रूप से काष्ठ कला की प्रदर्शनी लगती है तो ऐसे लोग जो एकलव्य शिक्षा से जुड़े हैं उनका वंचित रहना दुखद है
स्थानीय सोशल मीडिया पर दिनेश पेंटर की कला की चर्चाएं होने लगी है। लेकिन फिर भी मुकाम हासिल नहीं हुआ वन विभाग के डीएफओ पीएन मिश्रा से जब इस विषय पर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि विलक्षण प्रतिभा का प्रोत्साहन होना बहुत जरूरी है अब जब भी काष्ठ कला की प्रदर्शनी लगेगी या विभाग द्वारा कोई मेले का आयोजन होगा तो उक्त कलाकार को बुलाकर उनकी मूर्तियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा और प्रोत्साहित भी किया जाएगा बागली विधायक पहाड़ सिंह कन्नौजे इस व्यक्ति को क्षेत्र की प्रतिभा बताते हुए कहा कि मन प्रसन्न हो जाता है जब ऐसी विलक्षण प्रतिभा हमारे नजदीक ही मिल जाती है मैं इस संबंध में हस्तशिल्प विकास निगम से चर्चा करके इनकी कला को निखारने के लिए राजकीय स्तर पर ट्रेनिंग तक पहुंचाने का कार्य करूंगा ताकि आने वाले समय में यह कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाये पटवा सरकार में हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष रहे तेज सिंह सेंधव ने कहा कि यह गौरव की बात है बागली क्षेत्र के लिए मालवा निमाड़ की माटी में यह विलक्षण कलाकार उस समय विलुप्त था वरना हस्तशिल्प विकास निगम के पुरस्कार लेने से इसे कोई नहीं रोक सकता था

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