कलेक्टर ने अति संवेदनशील वनांचल क्षेत्रों के निर्माणाधीन कार्यो का अकास्मिक निरीक्षण किया

कलेक्टर ने ईट की गुणवत्ता देखी, खराब निकलने पर वापस करने के दिए निर्देश

खारा स्वास्थ्य केन्द्र में जन सुविधा के लिए कुंआ खनन करने के निर्देश दिए

कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ संवेदनशील वनांचल क्षेत्रों का सघन दौरा किया

कवर्धा, कबीरधाम जिले के आदिवासी एवं बैगा बाहुल बोड़ला विकासखंड के सूदूर, दुर्गम तथा अति संवेदनशील वनांचल ग्राम घानीखुटा, कोयलारझोरी, खारा, उसरवाही, कन्हारी, पंडरिया जंगल, रेंगाखार जंगल, झलमला सहित अन्य वनांचल क्षेत्रों का कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने जिला पंचायत सीईओ श्री विजय दयाराम के साथ आज सघन दौरा किया। कलेक्टर ने वनांचल एवं ग्रामीण विकास के निर्माणधीन कार्य कोयलारझोरी में सामुदायिक भवन के कार्यो का आकस्मिक निरीक्षण किया। निर्माण कार्य रूक-रूककर करने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में लगने वाली ईट की गुणवत्ता जांच की तथा ईट की गुणवत्ता देखते हुए ईट को तोड़कर भी देखें। गुणवत्ता जांच करते समय ईट टूट गए, इसमें यह प्रतित होता है कि निर्माण कार्य में लगने वाली ईट खराब है। कलेक्टर ने तत्काल सभी ईट को वहां से हटाने तथा गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य निर्धारित समय में करने के निर्देश दिए। यहां बताया गया कि 6 लाख 50 हजार रूपए की लागत से यह सामुदायिक भवन निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान बोड़ला एसडीएम श्री विनय सोनी, जनपद सीईओं श्री जे.आर. भगत, उप पंजीयक सहकारी संस्थाए श्री भूपेन्द्र ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी श्री बद्री चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री शरण ने इसके अलावा वनांचल ग्राम घानीखूंटा में सुराजी ग्राम योजना के तहत संचालित गौठान का निरीक्षण किया। ग्रामीण ईश्वर परते ने बताया कि यहां करीब दो सौ गौवंशीय जानवर है। गौ पालको के लिए गौठान वरदान साबित हो रही है। यहां जानवरों के लिए चारा, छांव तथा पीने के लिए पर्याप्त पानी की समूचित व्यवस्था हाने से गौ पालक किसानों के चेहरे में खुशियां देखी जा रही है। गौठान में काम करने वाले समूह महिला एवं पुरूष के लिए अलग-अलग शौचालय का भी निर्माण किया गया है। इससे सुविधाओं का विस्तार भी हुआ है।
कलेक्टर ने गौ पालकों, किसानों एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में पैरा (पुवाल) दान करने की अपील करते हुए कहा कि समाजिक सहभागिता से यहां योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी, इसलिए सकारात्मक सोंच के साथ अपने गौ वंशीय जानवरों के लिए पैरादान अवश्य करें।
कलेक्टर श्री शरण ने कोयलारझोरी के प्राथमिक स्कूल, कन्हारी में आंगनबाड़ी भवन, पंडरिया जंगल, में संचालित आदिवासी बालक छात्रावास का भी औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने पंडरिया जंगल के छात्रावास भवन के मरम्मत कार्य के लिए जनपद पंचायत को शीघ्र कार्ययोजना तथा प्राकलन तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने वनांचल ग्राम खारा में आयुष्मान भारत के तहत संचालित हेल्थ वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ-साथ ग्रामीणों से भी चर्चा की। यहां बताया गया कि ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पूरा वनांचल क्षेत्र को मिल रहा है। गत माह यहां 11 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ग्रामीणों से सतत संपर्क बनाए रखने से इस क्षेत्र में होम डिलीवरी नहीं हो रहा है, सीधे सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने तथा शासन की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी अस्पतालों में आ रहे है।
कलेक्टर ने ग्रामीणों तथा कर्मचारियों की मांग पर स्वास्थ्य केन्द्र के पास जन सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था कराने के लिए कुंआ खनन की स्वीकृति की।

Spread the love

You missed