
कुटुंब न्यायालय के आदेश पर पति ने पत्नी को दिया अपने आधे से ज्यादा हिस्से की संपत्ति..
बालोद-कबीर क्रांति, परिवार न्यायालय बालोद का बड़ा फैसला सुनाया पति ने दी पत्नी को अपने हिस्से की आधी से ज्यादा संपति…सच मे नारी शक्तिमान है.. जब वह पीड़ा से त्रस्त हो जाती है …अपने बच्चों की भविष्य उन्हें अंधकारमय लगने लगती है तो ममतामयी माँ से वह दुर्गा बन जाती है, तो कभी काली का रूप धारण कर लेती है… ऐसा ही एक मामला बालोद के कुटुंब न्ययालय में लंबित था…आवेदिका किरण साहू का विवाह सन 1999 में अनावेदक तारेंद्र साहू (बदला हुआ नाम) के साथ मे हुआ था, परन्तु इस दंपति पर किसी की बुरी नजर पड़ गई और 12 वर्ष दाम्पत्य जीवन बिताने के बाद वह 2 बच्चों के माता-पिता बन जाने के बाद पति की प्रताड़ना से त्रस्त हो कर अलग रहने लगी थी…
परवरिश के लिये सन 2012 से न्यायालय में आवेदन लगाई थी परंतु उन्हें भरण पोषण के नाम पर एक फूटी कौड़ी नसीब नही हो रही थी…कोर्ट की लड़ाई लड़ते लड़ते थक गई…हताश और परेसान हो कर अधिवक्ता भेषकुमार साहू से 2 माह पूर्व संपर्क कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी…. अधिवक्ता साहू ने अनावेदक तारेंद्र साहू के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिये कड़ाई बरतना शुरू कर तारेंद्र को जेल भेजे जाने की नौबत पैदा कर दिया था तब पति तारेंद्र ने अपनी आधी संपति पत्नी किरण और बच्चों को देने को तैयार हो गया …उसके बाद भी इन दंपति के समझ उलझन की स्थिति बनी हुई थी कि उक्त संपति का रजिस्ट्री का खर्च कौन उठायेगा….उक्त समस्या का समाधान अधिवक्ता साहू ने सहजता से करते हुए एक आवेदन पेश किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए पति तारेंद्र साहू के नाम की 2 एकड़ भूमि में से 1.10 एकड़ भूमि किरण और उनके बच्चों के नाम पर विधिवत नामान्तरण करने का आदेश पारित किया है…न्यायालय में उपस्थित पीड़ित अन्य महिलाओं ने न्यायधीश और अधिवक्ता साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनाएं दी है।




