कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़, देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार! भाटापारा रेलवे स्टेशन के समीप प्राचार्य को ACB ने घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा रायपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के प्राचार्य आर.एन. बया को एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भाटापारा रेलवे स्टेशन के समीप की गई। पूरा मामला क्या है? मोपका निवासी खेमेश्वर डाडे ने ACB में शिकायत की थी कि उनके पिता विजय कुमार डाडे, जो विद्यालय में व्याख्याता हैं, वर्ष 2017–18 में दुर्घटना के बाद दिव्यांग हो गए थे। इसके बावजूद वे नियमित रूप से सेवाएं देते रहे। आरोप है कि प्राचार्य वेतन आहरण के बदले हर माह ₹10,000 की अवैध मांग करता था। कई बार यह रकम नकद के बजाय सीधे बैंक खाते में जमा कराई गई। 6 माह पहले रिश्वत बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई। रकम न देने पर 6 महीने का वेतन रोक दिया गया। कार्रवाई कैसे हुई? वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने ACB का रुख किया। ACB ने सत्यापन के बाद 25 फरवरी 2026 को ट्रैप ऑपरेशन किया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कानूनी कार्रवाई ACB के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संदेश साफ है— वेतन जैसे मूल अधिकार के बदले रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी कबीर_क्रांति ब्रेकिंग_न्यूज़ ACB_Action घूसखोरी भ्रष्टाचार_पर_वार भाटापारा

D.N. Yogi

ByD.N. Yogi

Feb 25, 2026
  • कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़, देखिये डी एन योगी की रिपोर्टभ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार!भाटापारा रेलवे स्टेशन के समीप प्राचार्य को ACB ने घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा रायपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के प्राचार्य आर.एन. बया को एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भाटापारा रेलवे स्टेशन के समीप की गई।पूरा मामला क्या है?मोपका निवासी खेमेश्वर डाडे ने ACB में शिकायत की थी कि उनके पिता विजय कुमार डाडे, जो विद्यालय में व्याख्याता हैं, वर्ष 2017–18 में दुर्घटना के बाद दिव्यांग हो गए थे। इसके बावजूद वे नियमित रूप से सेवाएं देते रहे।आरोप है कि प्राचार्य वेतन आहरण के बदले हर माह ₹10,000 की अवैध मांग करता था।कई बार यह रकम नकद के बजाय सीधे बैंक खाते में जमा कराई गई।6 माह पहले रिश्वत बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई।रकम न देने पर 6 महीने का वेतन रोक दिया गया।कार्रवाई कैसे हुई?वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने ACB का रुख किया।ACB ने सत्यापन के बाद 25 फरवरी 2026 को ट्रैप ऑपरेशन किया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।कानूनी कार्रवाईACB के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।संदेश साफ है—वेतन जैसे मूल अधिकार के बदले रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहींभ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई जारीकबीर_क्रांति ब्रेकिंग_न्यूज़ ACB_Action घूसखोरी भ्रष्टाचार_पर_वार भाटापारा

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