जशपुर क्षेत्र में भारी बारिश के साथ बरसे ओले…..खपरैल मकान दर्जन भर बंदरों की मौत तबाह हुए कई गांव ।

जशपुर,, जिले में रात भर हुई बारिश और भारी ओलावृष्टि से ग्रामीण इलाके में भारी तबाही की तस्वीरें आ रहीं हैं। शुक्रवार की दोपहर को कोतबा क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि के बाद शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात एक बार फिर आसमान से जमकर ओले बरसे। इस इलाके में पहले से ही क्षतिग्रस्त हुए घरों के अंदर भारी मात्रा में ओला जमा हो गए।
आसमान से बरस रहे इस आफत से ग्रामीण पूरी तरह से बेबस नजर आए। अपने बच्चों की जान बचाने के लिए ग्रामीण उन्हें खाट के नीचे छुपाए रहे तो कुछ उन्हें गोद मे समेट कर रात भर बैठे रहे। इन बेबस लोगों के पास अब ना तो सिर छुपाने के लिए जगह है और ना ही पेट भरने के लिए अनाज। लॉक डाउन की वजह से पहले ही बेरोजगार हो चुके इन गरीब तबके के ग्रामीणों को सरकार ने पीडीएस योजना के तहत जो दो माह का अनाज उपलब्ध कराया था, वह बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ चुका है।
अब इनके सामने सिर छुपाने और पेट भरने की समस्या खड़ी हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि द्रोणिका के असर से यहां बेमौसम बारिश हो रही है। शनिवार की रात बारिश का सिलसिला तकरीबन साढ़े आठ बजे शुरू हो गया था। शहर और इसके आसपास के इलाके में कुछ देर तक बूंदाबांदी होने के बाद मौसम शांत हो गया । तकरीबन 3 घंटे बाद अचानक मौसम का रौद्र रूप सामने आया।

साढ़े 11 बजे आसमान में भयंकर गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। यह बारिश अनवरत सुबह 7 बजे तक चलती रही। रात का वक्त होने की वजह से अब त​क किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। इस बेमौसम बारिश ने एक बार फिर सबसे अधिक तबाही मचाई है। बीती रात इस क्षेत्र के जामझोर, कोकियाखार, मधुबन सहित दर्जन भर से अधिक बंदर ओलावृष्टि की वजह से मौत हो गई तथा गांव ओलावृष्टि की चपेट में  वहीं फरसाबहार तहसील के तुमला, टिकलीपारा, कोनपारा, भेलवां सहित आसपास के कई गांव में ओलावृष्टि की सूचना है। इन गांवों में मौसम की मार की वजह से बिजली भी गुल है। ओलावृष्टि की वजह से मोबाइल टॉवर को भी नुकसान हुआ है।

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