
कलेक्टर ने जिले के उत्कृष्ट विद्यालय कापादाह का निरीक्षण किया
बच्चों को परीक्षा की तैयारी के टीप्स भी दिए
कवर्धा,। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने शुक्रवार को पंडरिया विकासखंड के कापादाह में संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक भ्रमण किया और उन्होंने स्कूल प्रागंण में सभी विद्यार्थियों से वार्तालाप शैली में बातचीत की। उन्होंने कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे सभी विद्यार्थियों को सफलता के लिए टीप्स भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मेहनत हर विद्यार्थी करता है, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है, जिनको सही मार्गदर्शन मिला है। सही मार्गदर्शन ही सफलता तक ले जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन काल में समय का बहुत महत्व होता है, क्योंकि इस काल में सभी विद्यार्थी अपने दूर घर से स्कूल पहुंचते है। आने-जाने से समय बहुत लग जाता है। घर पहुंचने के बाद पढ़ाई के लिए समय निकालना पढ़ता है। इसलिए सफलता के लिए समय का चयन भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी पूरी ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत कर और स्कूल में जो भी विषयों के नोट्स तैयार किए जाते है, पुस्तक के साथ उनका भी नियमित अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। उन्होंने यह भी विद्यार्थियों को बताया कि छात्र जीवनकाल में हम जो भी नोट्स तैयार करते है, परीक्षा की नजदीक आते ही अधिकांश विद्यार्थी कुंजी के भरोसे में रह जाते हैं। कुंजी मार्गदर्शन के लिए उपयोग किया जा सकता है, लेकिन बेहतर और अच्छे परिणाम के लिए संबंधित पुस्तकों का समग्र अध्ययन से मिलती है।
प्राचार्य श्री रूपचंद जायसवाल ने कलेक्टर को अवगत कराते हुए बताया कि दसवीं और बारहवीं सभी विषयों की पढ़ाई पूरी कर ली गई है। वर्तमान में सभी विषयों का पुर्नअध्ययन चल रहा है। शासकीय अवकाश दिनों में भी अलग से कक्षाएं लगाई जा रही है, ताकि पूर्व वर्षो की भांति यहां का कक्षा दसवीं एवं बारहवीं का परिणाम शत-प्रतिशत प्रथम स्थान हो। पिछले वर्ष कापादाह हाईस्कूल में कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 62 विद्याथियों ने परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 62 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश में कापादाह कबीरधाम जिले का नाम रौशन किया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी शत-प्रतिशत प्रथम स्थान और प्रदेश के टॉप-टेन सूची में शामिल करने के लिए कड़ी मेहनत की जा रही है। हर दिन एक्स्ट्रा क्लास लेते हैं, बच्चों की निजी डायरी बनाई गई है, शिक्षक छात्र पालक की दोस्ती है, नालेज परखने साप्ताहिक टेस्ट होता है, बच्चों की पढ़ाई एवं दिनचर्या का विशेष ध्यान रखा जाता है। बच्चे स्कूल नहीं आने पर घर से लाते हैं, शिक्षक दवारा प्रतिदिन लक्ष्य आधारित होमवर्क दिया जाता है। हर दिन रोज छह पेज लिखित अभ्यास कराया जाता है। बच्चों को प्रतिदिन प्रार्थना सभा में पांच सामान्य ज्ञान के प्रश्न सुविचार खेलकूद, अंताक्षरी, सेमिनार, महापुरुषों की जयंती, आदि विषयों में जानकारी दी जाती है। इस अवसर पर समस्त शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।




