कवर्धादुर्ग

खरीफ फसलों में धान सहित दलहन-तीलहन के 6 और उद्यानिकी के 7 फसल शामिल

प्रधानमंत्री फलस बीमा में धान सहित दलहन-तीलहन के 6 और उद्यानिकी के 7 फसल शामिल

शत प्रतिशत किसानों को बीमा का लाभ दिलाने के लिए शामिल करें-कलेक्टर

खरीफ फसलों में धान सहित दलहन-तीलहन के 6 और उद्यानिकी के 7 फसल शामिल

शत प्रतिशत किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिले

प्रीमियन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित

कवर्धा,  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ खरीफ फसल वर्ष 2019 में धान उत्पादक किसानों के अलावा उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों को भी मिलेगा। कबीरधाम जिले में शत प्रतिशत किसानों को इस योजना में शामिल कर लाभ पहुंचाने के लिए धान के फसलों के अलावा दलहन तिलहन के 6 फसल और उद्यानिकी के 7 फसलों को शामिल करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचित फसलों में धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली और उड़द और उद्यानिकी फसलों में टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च और अदरक को शामिल किया गया है।
कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण ने आज कलेक्ट्रोरेट सभा कक्ष में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

कलेक्टर  शरण ने कहा कि खरीफ वर्ष 2019 के तहत कबीरधाम जिले के शत प्रतिशत किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए इस योजना के तहत जिले के लिए अधिसूचित फसल धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली और उड़द और उद्यानिकी के फसलों का बीमा कराएं। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों के

निर्धारित हैक्टेयर के आधार पर प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों, व्यवसायिक बैंक, सहकारी बैक और ग्रामीण बैंकर्स को निर्देश करते हुए कहा कि अंतिम तिथि तक जारी अधिसूचना अनुसार सभी ऋणी अऋणी किसानों से बैंक या प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र या ऑनलाईन पंजीयन या बीमा अभिकर्ता से बीमा प्रस्ताव, आवेदन प्राप्त करने

और फसलों के निर्धारित हैक्टेयर के आधार पर निर्धारित तिथि तक प्रीमियम कटौती करना सुनिश्चित करें। बैठक में बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले खरीफ 2018 में 7 करोड़ 14 लाख 49 हजार 932 रूपए कृषकों द्वारा भुगतान किए गए प्रिमियम राशि के विरुद्ध जिले के 39 हजार 557 किसानों को 58 करोड़ 77 लाख 54 हजार 478 रूपए का दावा भूगतान किया गया है।
कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने राजस्व विभाग को मुनादी के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं बुआई प्रमाण पत्र, बी-1 खसरा बीमा के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में आयोजित कृषि ऋण माफी तिहार और

कृषि चौपाल में अधिक से अधिक कृषकों को योजना से लाभान्वित करने के लिए सभी बैंकर्स एवं कृषि एवं राजस्व विभाग अधिकारियों को निर्देश दिए। कृषि विभाग के उपसंचालक श्री नागेश्वर लाल पांडेय ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं, अवर्षा की स्थिति, कीट और रोगों के परिणाम स्वरूप अधिसूचित फसलों के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा कवरेज और नुकसान की भरपाई करने के लिए शासन द्वारा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना में शत प्रतिशत किसानों को शामिल करने के लिए इस वर्ष गांव को शामिल किया गया है। जारी अधिसूचना अनुसार सभी ऋणी अऋणी किसानों से बैंक या प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र या ऑनलाईन पंजीयन या बीमा अभिकर्ता से बीमा प्रस्ताव, आवेदन प्राप्त करने और प्रीमियम कटौती करने की अंतिम तिथि खरीफ फसलों के लिए 31 जुलाई है। उन्होने बताया कि प्रति हेक्टेयर सिंचित धान के लिए

प्रीमियम राशि 880 रूपए, असिंचित धान के लिए प्रीमियम राशि 725 रूपए,मक्का के लिए 6 सौ रूपए, सोयाबीन के लिए 7 सौ रूपए, अरहर केलिए 5 सौ रूपए, मूंगफली के लिए 450 रूपए, उड़द के लिए 3 सौ रूपए प्रीमियम राशि निर्धारित की गई हैं। सभी फसलों के लिए ’’बीमा इकाई ग्राम’’ निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार उद्यानिकी फसलों में प्रति हैक्टेयर टमाटर की प्रीमियम राशि पांच हजार रूपए, बैगन क लिए तीन हजार पांच सौ रूपए, अमरूद के लिए दो हजार रूपए, केला 7 हजार पांच सौ रूपए, पपीता 55 सौ रूपए, मिर्च 4 हजार रूपए और अदरक के लिए 65 सौ रूपए प्रति हैक्टेयर निर्धारित की गई है।
योजनांतर्गत ऋणी कृषक अनिवार्य रूप से एवं अऋणी कृषक ऐच्छिक रूप से लाभ ले सकते हैं। कबीरधाम जिले में एच.डी.एफ.सी. ईरगो इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा बीमा का कार्य किया जा रहा है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिले के सभी विकासखण्डों के मुख्य हाट बजारों में उक्त योजना का

कृषि रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसान चौपाल का आयोजन कर इस योजना की जानकारी दी जा रही है। उन्होने बताया कि किसान भाई योजना की अधिक जानकारी एवं समस्या निवारण के लिए कृषि विभाग, बीमा एजेंसी एवं अपने बैंक की शाखा से संपर्क कर अंतिम तिथि 31, जुलाई 2019 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कुंदन कुमार, उप संचालक कृषि, लीड बैंक अधिकारी, तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी उपस्थित थे।

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