कवर्धादेश

मूलभूत सुविधाओं से वंचित परीक्षार्थी,महिला परीक्षर्थियो को होना पड़ रहा शर्मसार

परीक्षा केंद्र पिपरिया में न पानी न पंखा, शौचालय में भी जड़ दिया ताला…

विशेष रिपोर्ट/ अशोक मानिकपुरी

कवर्धा: शासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने अरबो रूपये पानी की तरह बहाये जा रहे हैं मगर प्रशासन की लापरवाही के चलते शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है. जिले में परीक्षा केंद्रों में मुलभूत सुविधाओं का अभाव परीक्षार्थियों के लिए सजा की तरह हो गया है. परीक्षा के समय कैरियर का टेंशन के साथ प्रशासन की अव्यवस्था ने परीक्षार्थियों को बेहाल कर दिया है और वे हताश होकर शासन प्रशासन को कोस रहे है. जिले के पिपरिया में तो परीक्षा केंद्र मानों जेल ही हो गया है जहां न तो पानी का इंतजाम है न ही पंखा चल रहे है और तो और शौचालय में भी स्कूल प्रबंधन ने ताला जड़ दिया है जिससे छात्र छात्राओं को शर्मसार स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.

अव्यवस्था के बीच 03 मार्च से चल रहा है परीक्षा …..

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के हायर सेकेन्डरी स्कूल पिपरिया में छत्तीसगढ़ राज्य ओपेन परीक्षा हेतु परीक्षा केंद्र बनाया गया है जहां 10 वी व 12 वी की ओपेन परीक्षा हो रही है. परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा केंद्र में न तो पानी की सुविधा है न ही पंखा का इंतजाम है केंद्र में जितने भी पंखें लगे है सब खराब होकर बंद हो चुके है ,इसी तरह शौचालय में भी ताला लगा है जिससे परीक्षार्थियों को काफी असुविधा हो रही है. परीक्षार्थियों का कहना है कि नियमानुसार परीक्षा केंद्र बनाने से पहले ही स्कूल में मुलभूत सुविधाओं की जानकारी हासिल करने अव्यवस्था को दूर किया जाता है मगर यहां विगत 03 मार्च से परीक्षा चल रहा है मगर अभी तक मुलभूत सुविधाओं का बंदोबस्त नही हो सका .

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को लिखित में अवगत कराया गया है : प्राचार्य कुर्रे 

इस संबंध में पुछने पर स्कूल के प्राचार्य ए.के. कुर्रे ने कहा कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को लिखित में अवगत कराया गया है. पंखा बंद है तो ठीक करा लिया जायेगा . शौचालय में ताला लगाने के सवाल पर वे कोई जवाब नही दे पाये.

मरम्मत व अन्य कार्य हेतु प्रदत्त राशि को कौन गटक रहा ..?

गौरतलब है कि शासन द्वारा प्रतिवर्ष स्कूल मरम्मत व मशीनरी सुधार सहित अन्य कार्यो के लिए स्कूलों को राशि प्रदान किया जाता है जो कि कागजी कार्यवाही करके गटक लिया जाता है. ऐसा पूरे जिले के अधिकांश स्कूलों में हो रहा है इसके अलावा चुनाव पूर्व मतदान केंद्रों में मुलभुत सुविधाओं हेतु मरम्मत कराया जाता है मगर यहां ऐसा कुछ नही हुआ है ऐसे में यह जांच का विषय है कि आखिर शासन द्वारा प्रदत्त राशि को किसने गटक लिया.

शासन प्रशासन कोस रहे परीक्षार्थी

बहरहाल अपनी दुर्दशा व बदहाली के चलते पिपरिया का परीक्षा केंद्र जिले में कुख्यात हो चला है और परीक्षार्थी बिना पानी पिये ही जी भर कर शासन प्रशासन की गैरजिम्मेदारी को कोस रहे हैं.

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1,273 Comments

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  2. Que dois-je faire si j’ai des doutes sur mon partenaire, comme surveiller le téléphone portable du partenaire? Avec la popularité des téléphones intelligents, il existe désormais des moyens plus pratiques. Grâce au logiciel de surveillance de téléphone mobile, vous pouvez prendre des photos à distance, surveiller, enregistrer, prendre des captures d’écran en temps réel, la voix en temps réel et afficher les écrans du téléphone mobile.