8 महीने तक हॉस्टल में रही नाबालिग छात्रा की गर्भावस्था का पता नहीं चला, निजी स्कूल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल** आदिवासी विकास परिषद ने एसआईटी जांच की मांग उठाई, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी आंदोलन की चेतावनी** कवर्धा। जिले के एक निजी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 10वीं की नाबालिग छात्रा द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है** कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

8 महीने तक हॉस्टल में रही नाबालिग छात्रा की गर्भावस्था का पता नहीं चला, निजी स्कूल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल**
आदिवासी विकास परिषद ने एसआईटी जांच की मांग उठाई, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी आंदोलन की चेतावनी**
कवर्धा। जिले के एक निजी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 10वीं की नाबालिग छात्रा द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है**
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा। जिले के एक निजी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 10वीं की नाबालिग छात्रा द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। आरोपी के खिलाफ बीजापुर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब स्कूल प्रबंधन, हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सरकारी योजना के तहत बीजापुर की छात्रा कबीरधाम के एक निजी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि छुट्टियों के दौरान उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद वह करीब आठ महीने तक हॉस्टल में रही, लेकिन उसकी गर्भावस्था की जानकारी स्कूल प्रबंधन, वार्डन अथवा महिला स्टाफ को नहीं हो सकी। फरवरी 2025 में तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए, जहां उसने नवजात शिशु को जन्म दिया। बाद में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
मामले को लेकर आदिवासी विकास परिषद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की कि जांच केवल आरोपी तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूल प्रबंधन एवं हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था में किसी प्रकार की संस्थागत लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी भी विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष जांच कराई जाए। परिषद के सदस्य कामू बैगा ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
वर्तमान प्राचार्य ने कहा कि यह घटना उनके कार्यभार संभालने से पहले की है। उन्होंने बताया कि छात्रा को 5 फरवरी 2025 को परिजन अपने साथ ले गए थे। स्वास्थ्य परीक्षण और उस समय की परिस्थितियों से जुड़े सवालों पर उन्होंने तत्कालीन प्रबंधन को ही जानकारी देने योग्य बताया।
फिलहाल आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की भूमिका अथवा किसी संभावित लापरवाही के संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फोटो: निजी स्कूल परिसर, प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसआईटी जांच की मांग रखते आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी एवं मामले से संबंधित दृश्य।
संपादक : डी.एन. योगी
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