कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट ग्राम पंचायत गांगीबहरा में मनरेगा कार्यों पर गंभीर सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगीबहरा में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने प्रभारी सीईओ शिवकुमार साहु के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। तीन माह से नहीं हुई जनपद की बैठक ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत की बैठक पिछले तीन महीनों से आयोजित नहीं हुई है, जिसके चलते बिना पारदर्शिता के प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। विभिन्न मदों में खर्च का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा, जिससे संदेह और गहरा गया है।

D.N. Yogi

ByD.N. Yogi

May 6, 2026

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
ग्राम पंचायत गांगीबहरा में मनरेगा कार्यों पर गंभीर सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश
जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगीबहरा में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने प्रभारी सीईओ शिवकुमार साहु के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
तीन माह से नहीं हुई जनपद की बैठक
ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत की बैठक पिछले तीन महीनों से आयोजित नहीं हुई है, जिसके चलते बिना पारदर्शिता के प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। विभिन्न मदों में खर्च का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा, जिससे संदेह और गहरा गया है।

कवर्धा, 
बीही बारी में पुलिया निर्माण पर घोटाले की आशंका
ग्राम पंचायत अंतर्गत धनेली के बीही बारी क्षेत्र में स्वीकृत पुलिया निर्माण कार्य, जिसकी शुरुआत 14 मई 2025 को दर्ज है, वर्तमान में पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। पिछले 15 दिनों से न तो मजदूर स्थल पर दिखाई दे रहे हैं और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य चल रहा है।
इसके बावजूद मस्टर रोल जारी होने और मजदूरों की हाजरी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कागजों में काम दिखाकर सरकारी राशि निकाली जा रही है।
कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन
मनरेगा के तहत मजदूरी केवल वास्तविक कार्य के बदले ही दी जा सकती है। सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शिता और नियमित निगरानी अनिवार्य है। यदि बिना कार्य के भुगतान किया जा रहा है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है।
कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका पर सवाल
मस्टर रोल की सत्यता और कार्यों की निगरानी कार्यक्रम अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में कार्य बंद होने के बावजूद उपस्थिति दर्ज होना प्रशासनिक लापरवाही या संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करता है।
ग्रामीणों की मांग: हो निष्पक्ष जांच
ग्रामीणों ने 14 मई 2025 से अब तक के सभी मस्टर रोल, भुगतान विवरण और कार्य प्रगति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
सामाजिक अंकेक्षण पर भी उठे सवाल
मनरेगा के तहत ग्राम सभा में कार्यों की जानकारी देना और सूचना पट्ट पर विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य है। लेकिन जमीनी स्थिति और दस्तावेजों में अंतर से सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में आ गई है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है—क्या पारदर्शिता बहाल होगी या फिर ‘कागजी निर्माण’ का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
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