कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कवर्धा के वार्ड 9 में पालना केंद्र नियुक्ति पर विवाद: गुप्त वैकेंसी का आरोप और निरस्तीकरण की मांग

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देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
कवर्धा के वार्ड 9 में पालना केंद्र नियुक्ति पर विवाद: गुप्त वैकेंसी का आरोप और निरस्तीकरण की मांग
कवर्धा (छत्तीसगढ़) के वार्ड क्रमांक 9 में एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना कार्यालय द्वारा पालना केंद्र में की जा रही नियुक्तियों को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासी निरंजन खरे ने आरोप लगाया है कि ये नियुक्तियां गुप्त तरीके से की जा रही हैं और इसमें पारदर्शिता की कमी है। उनका दावा है कि वार्ड के निवासियों और वार्ड पार्षद को इस वैकेंसी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
मुख्य आरोप और शिकायतें
निरंजन खरे ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है:
* गुप्त वैकेंसी: आरोप है कि पालना केंद्र में पद के लिए कोई सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई, जिससे योग्य उम्मीदवार आवेदन करने से वंचित रह गए।
* पारिवारिक चयन: शिकायत में विशेष रूप से श्रीमती रजना बांधकर पति बलराम बांधकर और श्रीमती श्वेता पति लवकेश बांधेकर के चयन पर आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि ये दोनों रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं। यह चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद का संकेत देता है।
* वंचित वर्ग की अनदेखी: आवेदक का कहना है कि मोहल्ले में कई परित्यक्ता और विधवा महिलाएं हैं, जो इस पद के लिए पात्र हो सकती थीं, लेकिन गुप्त नियुक्ति प्रक्रिया के कारण उन्हें अवसर नहीं मिला।
* दावा आपत्ति की अवधि: निरंजन खरे ने 30 मई 2025 से 9 जून 2025 तक की समय सीमा में दावा आपत्ति प्रस्तुत की है और मांग की है कि इस आपत्ति को स्वीकार कर वर्तमान चयन को तत्काल निरस्त किया जाए।
आवेदक की मांग
निरंजन खरे ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी कवर्धा और महिला बाल विकास अधिकारी कवर्धा से निवेदन किया है कि:
* वर्तमान गुप्त वैकेंसी को निरस्त किया जाए।
* पद के लिए पुनः नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने का उचित अवसर मिल सके।
* यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से और नियमों के अनुसार हों।
आगे क्या हो सकता है?
इस शिकायत के बाद, संबंधित अधिकारियों (मुख्य नगर पालिका अधिकारी और महिला बाल विकास अधिकारी) से अपेक्षा की जाती है कि वे मामले की गहन जांच करें। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो वर्तमान चयन को निरस्त किया जा सकता है और नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह मामला स्थानीय स्तर पर एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है, खासकर यदि इसमें भाई-भतीजावाद या अनियमितता का आरोप सही पाया जाता है।
यह पूरी जानकारी आवेदक निरंजन खरे द्वारा 5 जून 2025 को की गई शिकायत पर आधारित है, जिसकी प्रतिलिपि दावा आपत्ति ज्ञापन के साथ संलग्न की गई है।




