कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट*

कृषि में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए वैकल्पिक गीलापन और सुखाने (AWD) की तकनीक कारगर: टाम डेविस**
कार्बन परियोजना पर स्थानीय हितधारक परामर्श बैठक संपन्न हुआ
कवर्धा**”पंडरिया: छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन प्राइवेट लिमिटेड अंतर्गत ग्राम पंचायत महली (बाज़ार चबूतरा) ब्लॉक पंडरिया जिला कबीरधाम में एक दिवसीय कार्बन परियोजना से सम्बंधित स्थानीय हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया ।
इस कार्यक्रम की शुरुआत दीपक बागरी डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर द्वारा मुख्य अतिथियों का परिचय के साथ कार्यक्रम का शुरुआत हुआ, जिसमें कम्पनी के सीईओ मानस बनर्जी द्वारा परियोजना की रूपरेखा एवं इसके लाभों और इसे लागू करने की विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया ।
कबीर वालंटियर द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से Alternate wetting and drying वैकल्पिक गीलापन और सुखाने (AWD) की तकनीक को बताया ।
कॉमनलैंड संस्था नीदरलैंड से आये हुए टॉम डेविस ने कहा कि कृषि में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के जितने भी उपाय हैं उसे सभी किसान भाई अवश्य अपनाये और अपने आस पास के बढ़ते हुए तापमान, जल की समस्या, अनियमित वर्षा को AWD (अल्टरनेट वेटिंग एण्ड ड्राईंग) के माध्यम से कम किया जा सकता हैं । उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष का कार्यक्रम नहीं हैं बल्कि यह कार्यक्रम पुरे गाँव और जिला स्तर का कार्यक्रम हैं हम और आप सबके सहयोग से ही इन सभी समस्यायों से छुटकारा पा सकते हैं|

कार्यक्रम की इस कड़ी में अनन्या झा कार्यक्रम समन्वयक द्वारा बताया गया कि AWD एक जल प्रबंधन तकनीक हैं जिसका उपयोग धान की खेती में पानी की खपत को कम करने और मीथेन गैस उत्सर्जन को घटाने के लिए किया जाता हैं इस विधि में खेतों में जल स्तर को नियंत्रित तरीके से बढाया और घटाया जा सकता हैं ।
इसके साथ ही बसंत शुक्ला जी सेवानिवृत शिक्षक ने कहा की पानी और तापमान की समस्या दिनों दिन निरंतर बढ़ रहा हैं इसका मुख्य कारण कार्बन डाइऑक्साइड, धान के खेत से निकलने वाले मीथेन गैस और नाइट्रसऑक्साइड का वातावरण में उत्सर्जन हैं यदि इसको समय पर नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ी के लिए न तो पानी मिलेगा और न ही कृषि योग्य भूमि बचेगी ।
भागवत चंद्राकर कवीर किसान ने कहा किकम भूमि में अधिक उत्पादन लेने के लिए अंधाधुंध रासायनिक खादों एवं कीटनासको का उपयोग से हमारे वातावरण एवं जमीन पूर्ण रूप से कमजोर हो चुकी हैं यदि इसे समय पर नियत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में पानी और अनाज उत्पादन करने में बहुत परेशानी होगी ।
कार्यक्रम की इस कड़ी में गाँव के किसान जितेंद्र कश्यप ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मृदा स्वाथ्य को बढ़ाने के लिए पूरे गाँव के साथ एक जुट होकर इस समस्या का समाधान करने के लिए एग्रीकॉन के सहयोग से इस तकनीक को अपनाएंगे | कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश चंद्राकर ने किया आभार रघुराई राम चंद्राकर ने माना इस अवसर पर कवर्धा एवं पंडरिया के समन्वयक बीरेंद्र पालेकर और प्रीतम परमार के साथ एग्रीकान की पूरी टीम एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन शामिल हुए । इस प्रकार के कार्यक्रम दिनांक 6 एवं 7 मई को जिले के ब्लॉक कवर्धा के ग्राम दौजरी और गुढ़ा में भी किया गया ।

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