कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

*आमापानी की आंगनवाड़ी: भगवान भरोसे चल रही सुविधाएं*

*राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के हक़ पर डाका: आंगनवाड़ी केंद्र में नहीं हो रही नियमित गतिविधियां*

  • भवन की हालत खंडहर जैसी है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनियमित है और जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं

कवर्धा,आमापानी गांव में आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति बहुत दयनीय है। केंद्र पर नियमित रूप से पोषण और शिक्षा की गतिविधियां नहीं हो रही हैं, और भवन की हालत खंडहर जैसी है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनियमित है और जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं

*आमापानी के आंगनवाड़ी केंद्र की समस्याएं:*

*अनियमित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता*: कार्यकर्ता की उपस्थिति अनियमित है, जिससे बच्चों को समय पर पोषण और शिक्षा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हफ्तों तक केंद्र नहीं खुलता और बच्चे बाहर खेलते रहते हैं।
– *खंडहर भवन*: आंगनवाड़ी भवन की हालत खराब है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरा है। बारिश के दिनों में भवन पूरी तरह अनुपयोगी हो जाता है।
*कोई नियमित गतिविधि नहीं*: केंद्र पर नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा गतिविधियां नहीं हो रही हैं। सरकार की योजनाएं और प्रशासन की जिम्मेदारियां कागजों में दर्ज हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत गांववालों की आवाज़ में चीख-चीखकर लापरवाही की कहानी कह रही है।

*ग्रामीणों की मांगें:*

*आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए*: ग्रामीण चाहते हैं कि कार्यकर्ता नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित हो और बच्चों को पोषण और शिक्षा प्रदान करे।
*भवन की तत्काल मरम्मत या नया भवन बनाया जाए*: ग्रामीण चाहते हैं कि भवन की मरम्मत की जाए या नया भवन बनाया जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके।
– *नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा गतिविधियां शुरू हों*: ग्रामीण चाहते हैं कि केंद्र पर नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा गतिविधियां शुरू की जाएं ताकि बच्चों को उनका अधिकार मिल सके।
– *जिम्मेदार अधिकारियों का निरीक्षण पारदर्शी और जवाबदेह हो*: ग्रामीण चाहते हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों का निरीक्षण पारदर्शी और जवाबदेह हो ताकि लापरवाही की जांच की जा सके और सुधार किया जा सके।
– *सरकार जनजातीय बच्चों के साथ किया गया वादा निभाए*: ग्रामीण चाहते हैं कि सरकार जनजातीय बच्चों के साथ किया गया वादा निभाए और उन्हें उनका अधिकार प्रदान करे।

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